arixone 1000mg injection allopathy (Ceftriaxone (1000mg)) - Uses in Hindi, Side Effects, Substitutes & Price in India
arixone 1000mg injection allopathy (Ceftriaxone (1000mg)) - Uses in Hindi, Side Effects, Substitutes & Price in India manufactured by Arion Healthcare. Contains Ceftriaxone (1000mg).

arixone 1000mg injection - Uses, Price, Side Effects & Substitutes

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Ceftriaxone (1000mg) (Click to see all medicines with same salt)
🏭 Arion Healthcare 📦 Varies by brand 💊 Allopathy 📅 Updated: Jun 21, 2026
Medically Reviewed
By SaathiMed Expert Medical Panel

What is arixone 1000mg injection used for?

arixone 1000mg injection (Ceftriaxone (1000mg)) is used to treat anti infectives. It contains Ceftriaxone (1000mg), which works by treating the condition effectively. Always consult your doctor before use. Take as prescribed.

  • Generic Name: Ceftriaxone (1000mg)
  • Manufacturer: Arion Healthcare
  • Medicine Form: Allopathy
  • Pregnancy Category: Consult doctor

🇮🇳 arixone 1000mg injection के बारे में संक्षिप्त जानकारी (Hindi Summary)

arixone 1000mg injection का उपयोग मुख्य रूप से anti infectives और उससे जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। इस दवा में मुख्य सामग्री के रूप में Ceftriaxone (1000mg) मौजूद है। इसे डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए, खासकर गर्भावस्था (pregnancy) और लिवर (liver) की समस्याओं में।

मुख्य फायदे (Key Benefits): Detailed medical information is being added to our database.... Read more below.

💡 Did You Know? India is the largest provider of generic medicines globally, supplying over 50% of global vaccine demand.

📋 Drug Information

Generic Name(s)Ceftriaxone (1000mg)
Brand Namearixone 1000mg injection
ManufacturerArion Healthcare
Packaging / FormVaries by brand (Allopathy)
Therapeutic ClassANTI INFECTIVES
Action ClassCephalosporins: 3 generation
Route of AdministrationOral
StorageRoom temperature (15-30°C), away from moisture
Shelf LifeAs per manufacturer

💡 How and when to take arixone 1000mg injection?

Follow your doctor's prescription exactly.

  • ✅ Take exactly as prescribed by your doctor.
  • ✅ Do not exceed the recommended dose
  • ✅ Complete the full course of medication
  • ✅ Store at room temperature away from moisture

💊 arixone 1000mg injection Uses in Hindi (Ke Fayde), Benefits & Indications

Detailed medical information is being added to our database.

⚠️ What are the side effects of arixone 1000mg injection?

  • Diarrhea
  • Abnormal liver function tests
  • Rash

Consult your doctor if you experience any unusual symptoms.

🔬 Drug Interactions

🛡️ Safety & Warnings

🛑 Myths vs. Facts about arixone 1000mg injection

  • Myth: Generic substitutes of arixone 1000mg injection are less effective.
    Fact: Approved generic medicines contain the exact same active ingredients (Ceftriaxone (1000mg)) and are just as safe and effective as the branded version.
  • Myth: Taking a double dose will cure my symptoms faster.
    Fact: Taking more than the prescribed dose of arixone 1000mg injection can lead to severe toxicity or an overdose. Stick strictly to your doctor's dosage.
  • Myth: This medicine is 100% safe for everyone.
    Fact: No medicine is universally safe. Safety depends on your medical history, ongoing medicines, and potential allergies. Always consult a doctor.

💬 Real Patient Experiences (Astitva)

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Mass gainer ne jaan le li! 😭 Ab kya safe protein lein? College student budget me batao.

Yaar ek cheez batao... main seriously fed up ho gaya hu. Aaj dost ne fir kaha "oye hanger, khaana nahi khata kya tu?" 😭 Maine toh bohot try kiya hai gain karne ka. Pehle mass gainer powder liya tha, lekin 2 hafte me liver enzymes high ho gaye, doctor ne turant band kar diya. Ab kya karun? Ghar ka khana toh roz khaata hu - paratha, chawal, dal, sabzi. Doodh bhi peeta hu. Phir bhi weight 48 pe atka hua hai. Gym jata hu lekin waha log kehte hai "pehle weight badhao, phir aao." Koi natural remedy ya safe supplement suggest karo jo budget friendly ho. College student hu, zyada mehnga nahi afford kar sakta. Aaj subah utha toh thoda dizzy feeling aaya. Maa ne dekha toh chinta kar rahi hai. Koi genuine advice dedo bhai. Bas kuch kg muscle gain karna hai, body banani hai. Protein powder bhi soch raha hu, but previous experience se dar lag raha hai. 🥲

Raat 2 baje aag laga di body ne! AC pankha bekar, neend barbaad. Koi remedy batao!

Beta ji, aaj raat toh bilkul barbaad ho gayi. 2 baje achanak se aisi garmi lagi jaise kisi ne aag hi laga di ho. Pankha chal raha tha, AC bhi tha, phir bhi mera body jal raha tha. Kapde bheeg gaye, neend toot gayi, aur phir 2 ghante tak karwat badalti rahi. Subah uthi toh bilkul thak gayi, sir dard, mood bhi kharab. Maine suna hai ki menopause mein hot flashes aate hain, par mera toh raat ko hi zyada hota hai. Kya koi aur bhi aisa face kar rahi hain? Maine kuch din pehle soya milk aur flaxseed lena shuru kiya hai, par abhi tak koi farak nahi dikha. Pati ke saath bhi ladai ho gayi subah, unhone kaha "tu itna irritate kyun ho rahi hai" toh mujhe aur gussa aaya. Main khud ko control nahi kar paati. Koi natural remedy bataye jo raat ki neend mein help kare? Ya koi doctor ko dikhana chahiye? Bahut pareshan hoon. Aap logon ka experience kya hai?

Complete Guide to Weight Loss Tips - 05-06-2026

वेट लॉस टिप्स: एक संपूर्ण मेडिकल गाइड (Weight Loss Tips: Ek Sampurna Medical Guide) नमस्ते! अगर आप वजन कम करने के बारे में सोच रहे हैं, तो यह गाइड आपके लिए है। यहाँ हम सिर्फ "क्या खाएं" या "कितना दौड़ें" नहीं बताएंगे, बल्कि शरीर के अंदर क्या होता है, कैसे मोटापा बीमारी बनता है, और इसे कैसे कंट्रोल करें, इसकी पूरी जानकारी देंगे। यह गाइड हिंग्लिश (Hindi + English) में है, ताकि आपको हर बात आसानी से समझ आए। चलिए शुरू करते हैं! 1. गहरा परिचय और रोग तंत्र (Deep Introduction & Disease Mechanism) वजन बढ़ने की प्रक्रिया: शरीर के अंदर क्या होता है? वजन बढ़ना कोई जादू नहीं है, बल्कि एक साइंटिफिक प्रक्रिया है। जब हम खाना खाते हैं, तो शरीर उसे कैलोरी में बदलता है। ये कैलोरी हमारी रोज़ाना की एक्टिविटीज (चलना, काम करना, सोना) के लिए एनर्जी देती हैं। लेकिन जब हम जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेते हैं और उसे बर्न नहीं करते, तो शरीर उस extra energy को फैट (चर्बी) के रूप में स्टोर कर लेता है। यह फैट खासकर पेट, कमर, जांघों और कूल्हों पर जमा होता है। हार्मोनल भूमिका: इंसुलिन (Insulin): जब हम ज्यादा शुगर या कार्बोहाइड्रेट खाते हैं, तो पैंक्रियास ज्यादा इंसुलिन बनाता है। इंसुलिन का काम है शुगर को कोशिकाओं तक पहुंचाना, लेकिन जब बहुत ज्यादा शुगर आती है, तो इंसुलिन उसे फैट के रूप में स्टोर करने का ऑर्डर देता है। यही वजह है कि इंसुलिन रेजिस्टेंस (जहां शरीर इंसुलिन को ठीक से नहीं पहचानता) मोटापे का मुख्य कारण है। कोर्टिसोल (Cortisol): तनाव (stress) बढ़ने पर यह हार्मोन रिलीज़ होता है। यह भूख बढ़ाता है, खासकर मीठा और तला-भुना खाने की क्रेविंग। इससे पेट की चर्बी बढ़ती है। लेप्टिन (Leptin) और घ्रेलिन (Ghrelin): लेप्टिन भूख को कंट्रोल करता है (जब पेट भरा हो, तो सिग्नल देता है), जबकि घ्रेलिन भूख बढ़ाता है। मोटापे में लेप्टिन का सिग्नल खराब हो जाता है, जिससे आपको बार-बार भूख लगती है। मोटापा एक बीमारी क्यों है? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मोटापा एक क्रॉनिक बीमारी है। यह सिर्फ दिखने की बात नहीं, बल्कि शरीर के अंदर कई समस्याएं पैदा करता है: सूजन (Inflammation): फैट सेल्स (एडिपोसाइट्स) ऐसे केमिकल छोड़ते हैं जो पूरे शरीर में सूजन बढ़ाते हैं। यह सूजन हार्ट डिजीज, डायबिटीज और आर्थराइटिस का कारण बनती है। मेटाबॉलिक सिंड्रोम: जब पेट की चर्बी ज्यादा होती है, तो ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल का लेवल बिगड़ जाता है। हार्मोनल असंतुलन: महिलाओं में पीसीओएस (PCOS) और पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का लो लेवल मोटापे से जुड़ा है। 2. सामान्य और असामान्य लक्षण (Common AND Rare Symptoms) सामान्य लक्षण (Common Symptoms): बॉडी मास इंडेक्स (BMI) का बढ़ना: BMI 25 से 29.9 (ओवरवेट) या 30 से ऊपर (ओबेस) होना। पेट और कमर पर चर्बी जमा होना: खासकर एप्पल शेप (पेट पर चर्बी) या पियर शेप (जांघों पर चर्बी)। सांस फूलना: थोड़ी देर चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर भी सांस फूलने लगती है। थकान और सुस्ती: दिनभर एनर्जी की कमी महसूस होना। जोड़ों में दर्द: घुटनों, कूल्हों और पीठ के निचले हिस्से में दर्द (वजन के दबाव से)। नींद की समस्या: स्लीप एप्निया (नींद में सांस रुकना) या खर्राटे आना। असामान्य लक्षण (Rare Symptoms): त्वचा पर काले धब्बे (Acanthosis Nigricans): गर्दन, बगल या जांघों के बीच गहरे, मखमली धब्बे। यह इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत है। बाल झड़ना (Hair Loss): हार्मोनल असंतुलन या पोषण की कमी से बाल पतले हो सकते हैं। पैरों में जलन या सुन्नता (Peripheral Neuropathy): यह डायबिटीज या विटामिन B12 की कमी से हो सकता है, जो मोटापे से जुड़ा है। बार-बार इंफेक्शन: फंगल इंफेक्शन (जैसे त्वचा की सिलवटों में खुजली) या यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) ज्यादा होना। मूड स्विंग्स और डिप्रेशन: वजन बढ़ने से सेल्फ-एस्टीम कम होना और मेंटल हेल्थ पर असर। 3. विस्तृत डाइट प्लान (Detailed Diet Plan - Exactly Kya Khaye and Kya Na Khaye) क्या खाएं (Kya Khaye - Indian Foods): यहाँ हम भारतीय रसोई में मिलने वाली चीजों पर फोकस करेंगे: नाश्ता (Breakfast): प्रोटीन से भरपूर: अंडे (उबले या ऑमलेट), पनीर भुर्जी, मूंग दाल चीला, सोया चंक्स की सब्जी। फाइबर वाले कार्ब्स: ओट्स (दूध या दही के साथ), ज्वार/बाजरे की रोटी, ब्राउन राइस पोहा, उपमा (कम तेल में)। फल: सेब, नाशपाती, जामुन, संतरा (केला और आम सीमित मात्रा में)। दोपहर का खाना (Lunch): सब्जियां: हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक, मेथी), लौकी, तोरी, बैंगन, भिंडी। कम से कम 2 कटोरी। प्रोटीन: दाल (मसूर, मूंग, चना), राजमा, छोले, सोया, पनीर, चिकन या मछली (ग्रिल या स्टीम)। कार्ब्स: 1-2 रोटी (गेहूं या मल्टीग्रेन), या आधा कप ब्राउन राइस। दही: 1 कटोरी (प्रोबायोटिक्स के लिए)। शाम का नाश्ता (Evening Snack): हेल्दी ऑप्शन: मुट्ठी भर मखाना (भुना), भुने हुए चने, रोस्टेड मूंगफली (बिना नमक), सब्जी का सूप, ग्रीन टी। फल या सलाद: खीरा, गाजर, टमाटर का सलाद (थोड़ा नींबू और काली मिर्च डालें)। रात का खाना (Dinner): हल्का खाना: ग्रिल्ड पनीर या चिकन के साथ हरी सब्जियां, या दाल-सब्जी का सूप। रात में कार्ब्स कम: रोटी की जगह सब्जी या सूप ज्यादा लें। क्या न खाएं (Kya Na Khaye): चीनी और मीठा: मिठाई, केक, पेस्ट्री, कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, आइसक्रीम। तला-भुना और जंक फूड: समोसा, पकौड़ा, चिप्स, बर्गर, पिज्जा, नूडल्स। रिफाइंड कार्ब्स: सफेद चावल, मैदा (नान, पराठा, ब्रेड, पास्ता)। प्रोसेस्ड फूड: सॉसेज, बेकन, पैकेज्ड नमकीन, सॉस (केचप, मेयोनीज)। ज्यादा नमक और तेल: अचार, पापड़, फ्राइड फूड। पानी और हाइड्रेशन: दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। खाने से 30 मिनट पहले पानी पीने से भूख कम लगती है। नींबू पानी या नारियल पानी (बिना चीनी) पिएं। 4. मेडिकल मैनेजमेंट (Medical Management - Educational Only) ध्यान दें: यह केवल शैक्षणिक जानकारी है। कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। डॉक्टर कौन सी दवाएं लिख सकते हैं? ऑर्लिस्टैट (Orlistat): यह दवा फैट को पचने से रोकती है। इसका मतलब है कि खाने का कुछ फैट शरीर में नहीं जाता, बल्कि मल के जरिए बाहर निकल जाता है। साइड इफेक्ट: पेट में गैस, ऑयली स्टूल। मेटफॉर्मिन (Metformin): यह डायबिटीज की दवा है, लेकिन इंसुलिन रेजिस्टेंस को सुधारकर वजन घटाने में मदद करती है। खासकर PCOS या प्री-डायबिटीज वालों के लिए। GLP-1 एगोनिस्ट (जैसे सेमाग्लूटाइड / Wegovy): ये इंजेक्शन होते हैं जो भूख कम करते हैं और पेट को धीरे-धीरे खाली करते हैं। यह बहुत असरदार है, लेकिन महंगा है और डॉक्टर की निगरानी में लेना जरूरी है। साइड इफेक्ट: मतली, उल्टी। बुप्रोपियन-नाल्ट्रेक्सोन (Contrave): यह दिमाग के भूख केंद्र को प्रभावित करता है, जिससे क्रेविंग कम होती है। सर्जिकल ऑप्शन (Bariatric Surgery): जब BMI 35 से ऊपर हो और डाइट-एक्सरसाइज से कोई फायदा न हो, तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं। इसमें पेट का आकार छोटा कर दिया जाता है (गैस्ट्रिक बाईपास या स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी)। यह एक बड़ा फैसला है और इसके लिए लाइफटाइम डाइट में बदलाव करना पड़ता है। 5. सिद्ध घरेलू उपचार और जीवनशैली में बदलाव (Proven Home Remedies & Lifestyle Changes) घरेलू उपचार (Home Remedies): ग्रीन टी: दिन में 2-3 कप ग्रीन टी पिएं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट (कैटेचिन) होते हैं जो मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं। नींबू और शहद: सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू और थोड़ा शहद मिलाकर पिएं। यह डिटॉक्स करता है और पाचन सुधारता है। जीरा पानी: एक चम्मच जीरा को पानी में उबालकर छान लें और दिन में 2 बार पिएं। यह भूख कंट्रोल करता है और फैट बर्न करता है। दालचीनी (Cinnamon): एक चुटकी दालचीनी पाउडर को गुनगुने पानी या चाय में मिलाकर पिएं। यह ब्लड शुगर कंट्रोल करता है और क्रेविंग कम करता है। मेथी दाना: रात को 1 चम्मच मेथी दाना पानी में भिगो दें, सुबह खाली पेट चबाकर खाएं। यह फाइबर से भरपूर है और भूख कम करता है। जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes): रोज़ाना एक्सरसाइज: कम से कम 30-45 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी। जैसे तेज चलना (ब्रीस्क वॉक), जॉगिंग, साइक्लिंग, या योग। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग: हफ्ते में 2-3 बार वेट लिफ्टिंग या बॉडीवेट एक्सरसाइज (पुश-अप, स्क्वाट) करें। इससे मसल्स बढ़ती हैं और मेटाबॉलिज्म तेज होता है। नींद पूरी लें: रोज 7-8 घंटे की नींद लें। नींद की कमी से कोर्टिसोल बढ़ता है और भूख लगती है। तनाव कम करें: मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग या हॉबी अपनाएं। तनाव से कोर्टिसोल बढ़ता है, जो पेट की चर्बी बढ़ाता है। खाने का समय तय करें: रात का खाना सोने से 2-3 घंटे पहले खा लें। इससे पाचन बेहतर होता है और कैलोरी बर्न होती है। 6. मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर प्रभाव (Impact on Mental Health and Daily Life) मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव: सेल्फ-एस्टीम कम होना: वजन बढ़ने से लोग अक्सर खुद को बदसूरत या असफल महसूस करते हैं। सोशल मीडिया और समाज के दबाव से यह और बढ़ जाता है। डिप्रेशन और एंग्जाइटी: मोटापा और डिप्रेशन का आपस में गहरा संबंध है। कुछ लोग तनाव से बचने के लिए ज्यादा खाते हैं (इमोशनल ईटिंग), जिससे वजन और बढ़ता है। सामाजिक अलगाव: वजन की वजह से लोग पार्टियों या मिलने-जुलने से कतराते हैं, जिससे अकेलापन बढ़ता है। ईटिंग डिसऑर्डर: कुछ लोग वजन घटाने के लिए बहुत ज्यादा डाइटिंग करते हैं, जो बुलिमिया या एनोरेक्सिया में बदल सकता है। दैनिक जीवन पर प्रभाव: एनर्जी की कमी: वजन ज्यादा होने से रोज़मर्रा के काम (जैसे सीढ़ियां चढ़ना, बैग उठाना) मुश्किल हो जाते हैं। नींद की समस्या: स्लीप एप्निया के कारण नींद पूरी नहीं होती, जिससे दिनभर थकान रहती है। स्वास्थ्य खर्च: मोटापे से जुड़ी बीमारियों (डायबिटीज, हार्ट डिजीज) का इलाज महंगा होता है। रिश्तों पर असर: सेल्फ-कॉन्फिडेंस कम होने से पार्टनर या दोस्तों से दूरी बन सकती है। 7. 10 विस्तृत अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (10 Detailed FAQs) FAQ 1: क्या वजन कम करने के लिए भूखा रहना सही है? जवाब: बिल्कुल नहीं। भूखे रहने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, और शरीर मसल्स को तोड़ने लगता है। इससे वजन तो कम होता है, लेकिन फैट नहीं घटता। बाद में जब आप सामान्य खाना खाते हैं, तो वजन और तेजी से बढ़ता है (यो-यो इफेक्ट)। इसके बजाय छोटे-छोटे, बैलेंस्ड मील लें। FAQ 2: क्या पीसीओएस में वजन कम करना मुश्किल है? जवाब: हां, PCOS में इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण वजन कम करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन असंभव नहीं। इसके लिए लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स डाइट (जैसे साबुत अनाज, दालें), नियमित एक्सरसाइज और डॉक्टर की सलाह से दवाएं (जैसे मेटफॉर्मिन) मदद कर सकती हैं। FAQ 3: क्या रात में दूध पीने से वजन बढ़ता है? जवाब: अगर आप बिना चीनी के गुनगुना दूध पीते हैं, तो इससे वजन नहीं बढ़ता। बल्कि, दूध में प्रोटीन और कैल्शियम होता है, जो नींद में मदद करता है। लेकिन अगर आप ज्यादा मात्रा में या चीनी मिलाकर पीते हैं, तो कैलोरी बढ़ सकती है। FAQ 4: क्या वजन घटाने के लिए सप्लीमेंट्स लेने चाहिए? जवाब: सप्लीमेंट्स (जैसे ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट, कार्निटाइन) कुछ हद तक मदद कर सकते हैं, लेकिन ये डाइट और एक्सरसाइज का विकल्प नहीं हैं। कई सप्लीमेंट्स के साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं। बेहतर है कि प्राकृतिक स्रोतों (फल, सब्जियां) से पोषण लें। FAQ 5: क्या वॉक करने से पेट की चर्बी कम होती है? जवाब: वॉक करने से कैलोरी बर्न होती है, लेकिन सिर्फ वॉक से पेट की चर्बी कम नहीं होती। इसके लिए हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट (जैसे जॉगिंग, साइक्लिंग) और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जरूरी है। साथ ही, डाइट में प्रोसेस्ड फूड और शुगर कम करना होगा। FAQ 6: क्या केला खाने से वजन बढ़ता है? जवाब: केले में कैलोरी और शुगर होती है, लेकिन यह फाइबर और पोटैशियम का अच्छा स्रोत है। अगर आप रोज 1 केला खाते हैं, तो इससे वजन नहीं बढ़ता। बस ज्यादा मात्रा में (2-3 केले) या मीठे के साथ खाने से बचें। FAQ 7: क्या वजन घटाने के लिए रोजाना एक्सरसाइज करना जरूरी है? जवाब: हां, रोजाना कम से कम 30 मिनट की एक्टिविटी जरूरी है। लेकिन अगर आप एक दिन छोड़ भी देते हैं, तो कोई बात नहीं। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मॉडरेट एक्सरसाइज (जैसे तेज चलना) या 75 मिनट की जोरदार एक्सरसाइज (जैसे दौड़ना) पर्याप्त है। FAQ 8: क्या डायबिटीज में वजन कम करना सुरक्षित है? जवाब: हां, डायबिटीज में वजन कम करना बहुत फायदेमंद है, क्योंकि इससे ब्लड शुगर कंट्रोल होता है और इंसुलिन की जरूरत कम होती है। लेकिन धीरे-धीरे वजन कम करें (प्रति हफ्ते 0.5-1 किलो) और डॉक्टर से सलाह लेकर डाइट प्लान बनाएं। FAQ 9: क्या वजन घटाने के लिए सिर्फ डाइट काफी है? जवाब: नहीं, सिर्फ डाइट से वजन कम हो सकता है, लेकिन इससे मसल्स लॉस हो सकता है और मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है। एक्सरसाइज (खासकर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग) मसल्स को बनाए रखती है और फैट बर्न करती है। सबसे अच्छा तरीका है डाइट + एक्सरसाइज का कॉम्बिनेशन। FAQ 10: क्या वजन कम करने के बाद त्वचा ढीली हो जाती है? जवाब: जब आप तेजी से वजन कम करते हैं (जैसे सर्जरी या क्रैश डाइट से), तो त्वचा को सिकुड़ने का समय नहीं मिलता, जिससे वह ढीली हो सकती है। धीरे-धीरे वजन कम करने (प्रति हफ्ते 0.5-1 किलो) से त्वचा को एडजस्ट होने का मौका मिलता है। साथ ही, एक्सरसाइज और पानी पीने से त्वचा की इलास्टिसिटी बनी रहती है। मेडिकल डिस्क्लेमर: यह गाइड केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। वजन कम करने या कोई भी दवा/सप्लीमेंट लेने से पहले हमेशा एक योग्य डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लें। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, और जो एक के लिए काम करता है, वह दूसरे के लिए हानिकारक हो सकता है। अपने स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहें।

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