ticacip 60 tablet allopathy (Ticagrelor (60mg)) - Uses in Hindi, Side Effects, Substitutes & Price in India
ticacip 60 tablet allopathy (Ticagrelor (60mg)) - Uses in Hindi, Side Effects, Substitutes & Price in India manufactured by Cipla Ltd. Contains Ticagrelor (60mg).

ticacip 60 tablet - Uses, Price, Side Effects & Substitutes

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Ticagrelor (60mg) (Click to see all medicines with same salt)
🏭 Cipla Ltd 📦 Varies by brand 💊 Allopathy 📅 Updated: Jun 19, 2026
Medically Reviewed
By SaathiMed Expert Medical Panel

What is ticacip 60 tablet used for?

ticacip 60 tablet is primarily used for the treatment of blood related. It contains the active ingredient Ticagrelor (60mg), which works by treating the underlying condition effectively. Always consult your doctor before using this medication.

  • Manufacturer: Cipla Ltd
  • Medicine Form: Allopathy
  • Key Benefit: Rapid relief from blood related symptoms.
  • Safety: Consult doctor before use during pregnancy or lactation.

🇮🇳 ticacip 60 tablet के बारे में संक्षिप्त जानकारी (Hindi Summary)

ticacip 60 tablet का उपयोग मुख्य रूप से blood related और उससे जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। इस दवा में मुख्य सामग्री के रूप में Ticagrelor (60mg) मौजूद है। इसे डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए, खासकर गर्भावस्था (pregnancy) और लिवर (liver) की समस्याओं में।

मुख्य फायदे (Key Benefits): Detailed medical information is being added to our database.... Read more below.

💡 Did You Know? The first generic medicine was introduced in India in 1970 after the Patents Act was amended.

📋 Drug Information

Generic Name(s)Ticagrelor (60mg)
Manufacturer / BrandCipla Ltd
Packaging / FormVaries by brand (Allopathy)
Therapeutic ClassBLOOD RELATED
Action ClassP2Y12 inhibitors (ADP receptor)
Prescription Required✓ Yes (Schedule H Drug)
StorageRoom temperature (15-30°C), away from moisture
Onset of Action:
30 to 60 minutes
Duration:
6 to 8 hours
Habit Forming:
No (Non-addictive)
Food:
Take after meal

💊 ticacip 60 tablet Uses in Hindi (Ke Fayde), Benefits & Indications

Detailed medical information is being added to our database.

💡 How and when to take ticacip 60 tablet?

Follow your doctor's prescription exactly.

  • ✅ Take exactly as prescribed by your doctor.
  • ✅ Do not exceed the recommended dose
  • ✅ Complete the full course of medication
  • ✅ Store at room temperature away from moisture

💡 Expert Tips for Best Results

  • Follow the prescription: Always use ticacip 60 tablet exactly as prescribed by your healthcare provider. Do not alter the dosage yourself.
  • Check Expiry: Never consume expired medicines. Always double-check the manufacturing and expiry date on the packaging before use.
  • Storage: Store the medicine in a cool, dry place away from direct sunlight and out of reach of children.
  • Report Side Effects: If you experience severe allergic reactions, swelling, or breathing issues after taking ticacip 60 tablet, seek emergency medical help immediately.
  • Don't self-medicate: Do not share this medicine with others even if their symptoms seem similar to yours.

⚠️ What are the side effects of ticacip 60 tablet?

Common and serious side effects may include:

  • Bleeding
  • Breathlessness

Consult your doctor if you experience any unusual symptoms.

🔄 Best Substitutes for ticacip 60 tablet

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  1. brigrel 60mg tablet
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  2. tigemac 60mg tablet
    Macleods Pharmaceuticals Pvt Ltd ₹160.00 💰 42.9% CHEAPER
  3. ticavic 60 tablet
    Alkem Laboratories Ltd ₹165.00 💰 41.1% CHEAPER
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    Intas Pharmaceuticals Ltd ₹185.00 💰 33.9% CHEAPER
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Medical Note: Always consult your doctor before switching medications. Generic alternatives with same salts are therapeutically equivalent.

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🛑 Myths vs. Facts about ticacip 60 tablet

  • Myth: Generic substitutes of ticacip 60 tablet are less effective.
    Fact: Approved generic medicines contain the exact same active ingredients (Ticagrelor (60mg)) and are just as safe and effective as the branded version.
  • Myth: Taking a double dose will cure my symptoms faster.
    Fact: Taking more than the prescribed dose of ticacip 60 tablet can lead to severe toxicity or an overdose. Stick strictly to your doctor's dosage.
  • Myth: This medicine is 100% safe for everyone.
    Fact: No medicine is universally safe. Safety depends on your medical history, ongoing medicines, and potential allergies. Always consult a doctor.

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Complete Guide to Diabetic Neuropathy & Foot Pain - 13-06-2026

डायबिटिक न्यूरोपैथी और पैरों का दर्द: एक संपूर्ण मार्गदर्शिका (Diabetic Neuropathy & Foot Pain: A Complete Guide) नमस्ते! अगर आप या आपके परिवार में कोई डायबिटीज (मधुमेह) से जूझ रहा है और पैरों में जलन, सुन्नपन या दर्द महसूस करता है, तो यह गाइड आपके लिए ही है। डायबिटिक न्यूरोपैथी एक गंभीर जटिलता है, लेकिन सही जानकारी और देखभाल से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। इस लेख में हम हर पहलू को गहराई से समझेंगे – बीमारी क्यों होती है, इसके लक्षण, खान-पान, दवाइयां, घरेलू उपाय और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव। 1. गहन परिचय और रोग तंत्र (Deep Introduction & Disease Mechanism) डायबिटिक न्यूरोपैथी एक प्रकार की तंत्रिका क्षति (nerve damage) है जो लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर के कारण होती है। यह मुख्य रूप से पैरों और हाथों की नसों को प्रभावित करती है, लेकिन शरीर के अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। यह कैसे होता है? (How does it happen?) उच्च रक्त शर्करा (Hyperglycemia): जब ब्लड शुगर लगातार बढ़ा रहता है, तो यह नसों की छोटी रक्त वाहिकाओं (capillaries) को नुकसान पहुंचाता है जो नसों को ऑक्सीजन और पोषण देती हैं। मेटाबोलिक पथ (Metabolic Pathways): हाई शुगर से शरीर में कुछ हानिकारक रसायन (जैसे सोर्बिटोल) बनते हैं, जो नसों की कोशिकाओं में जमा हो जाते हैं और उन्हें खराब करते हैं। ऑक्सीडेटिव तनाव (Oxidative Stress): हाई शुगर से फ्री रेडिकल्स बढ़ते हैं, जो नसों की सुरक्षात्मक परत (myelin sheath) को नष्ट कर देते हैं। सूजन (Inflammation): शरीर में क्रोनिक सूजन बढ़ जाती है, जो नसों को और नुकसान पहुंचाती है। इस प्रक्रिया से नसों का संकेत (signal) सही से नहीं पहुंच पाता, जिससे दर्द, सुन्नपन या झुनझुनी महसूस होती है। पैरों में यह समस्या सबसे पहले दिखती है क्योंकि पैर शरीर के सबसे दूर के हिस्से होते हैं और उनमें रक्त प्रवाह कमजोर होता है। 2. सामान्य और दुर्लभ लक्षण (Common & Rare Symptoms) सामान्य लक्षण (Common Symptoms): पैरों में जलन (Burning sensation): खासकर रात के समय पैरों के तलवों में आग जैसी जलन होना। झुनझुनी या चींटी चलने जैसा महसूस होना (Tingling): पैरों की उंगलियों या तलवों में सुई चुभन जैसा एहसास। सुन्नपन (Numbness): पैरों में कुछ महसूस न होना, जैसे वे "मर गए" हों। तेज दर्द (Sharp pain): अचानक से पैरों में चाकू चुभने जैसा दर्द। स्पर्श के प्रति संवेदनशीलता (Allodynia): हल्का स्पर्श भी बहुत दर्दनाक लगना। मांसपेशियों में कमजोरी: पैरों में ताकत कम होना, चलने में परेशानी। त्वचा में बदलाव: पैरों की त्वचा सूखी, फटी हुई या लाल होना। दुर्लभ लक्षण (Rare Symptoms): धुंधली दृष्टि (Blurry vision): आंखों की नसों पर प्रभाव के कारण। चक्कर आना या बेहोशी (Dizziness): ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी के कारण ब्लड प्रेशर कंट्रोल खराब होना। पाचन समस्याएं: कब्ज, दस्त, या पेट फूलना (गैस्ट्रोपेरेसिस)। पसीना आने में परेशानी: बहुत ज्यादा या बहुत कम पसीना आना। यौन समस्याएं: पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन, महिलाओं में योनि सूखापन। बार-बार इंफेक्शन: पैरों में छोटे-छोटे घाव भी जल्दी न भरना और संक्रमण होना। ध्यान दें: अगर आपको पैरों में कोई भी चोट या घाव दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। डायबिटिक फुट अल्सर गैंग्रीन में बदल सकता है। 3. विस्तृत डाइट प्लान (Detailed Diet Plan) डायबिटिक न्यूरोपैथी में खान-पान सबसे अहम भूमिका निभाता है। सही डाइट से ब्लड शुगर कंट्रोल रहेगा और नसों को और नुकसान से बचाया जा सकेगा। ✅ क्या खाएं (Kya Khaye) – Indian Foods: फाइबर युक्त अनाज: जई (Oats), ज्वार, बाजरा, रागी (Finger Millet), ब्राउन राइस। हरी पत्तेदार सब्जियां: पालक, मेथी, सरसों का साग, ब्रोकली। प्रोटीन के स्रोत: दालें (मूंग, मसूर, चना), सोया, पनीर, मछली, चिकन (बिना त्वचा के)। हेल्दी फैट: घी (सीमित मात्रा में), नारियल तेल, जैतून का तेल, बादाम, अखरोट, अलसी के बीज। कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल: सेब, नाशपाती, जामुन, अमरूद, संतरा, कीवी। जड़ी-बूटियां और मसाले: हल्दी (करक्यूमिन), अदरक, दालचीनी, मेथी दाना, लहसुन। ये सूजन कम करते हैं। ड्रिंक्स: नारियल पानी, हर्बल चाय (ग्रीन टी, तुलसी चाय), नींबू पानी (बिना चीनी)। ❌ क्या न खाएं (Kya Na Khaye) – Avoid These: चीनी और मीठे पदार्थ: मिठाई, कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, केक, बिस्कुट। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट: सफेद चावल, मैदा, सफेद ब्रेड, नूडल्स। तले-भुने और प्रोसेस्ड फूड: समोसा, पकौड़ा, चिप्स, फास्ट फूड। ट्रांस फैट: वनस्पति घी, मार्जरीन, बाजार की पेस्ट्री। ज्यादा नमक: अचार, पापड़, नमकीन स्नैक्स। शराब और धूम्रपान: ये नसों की क्षति को बढ़ाते हैं। नमूना डाइट प्लान (Sample Diet Plan): सुबह (7:00 AM): गुनगुना पानी + 1 चम्मच मेथी दाना (भिगोया हुआ)। नाश्ता (8:00 AM): जई का दलिया + दूध + कटे हुए बादाम, या 2 मूंग दाल चीला + हरी चटनी। मिड-मॉर्निंग (10:30 AM): 1 सेब या 1 मुट्ठी भुने चने। दोपहर का खाना (1:00 PM): 1 रोटी (ज्वार/बाजरा) + हरी सब्जी (जैसे लौकी) + दाल + सलाद (खीरा, टमाटर, प्याज)। शाम (4:00 PM): हर्बल चाय + 2-3 अखरोट। रात का खाना (7:00 PM): ग्रिल्ड पनीर/मछली + उबली हुई ब्रोकली + 1 रोटी। सोने से पहले (10:00 PM): 1 गिलास गुनगुना दूध (हल्दी डालकर)। 4. चिकित्सा प्रबंधन (Medical Management) डायबिटिक न्यूरोपैथी का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन दवाइयों और थेरेपी से लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है। यहां केवल शैक्षिक जानकारी दी गई है – कृपया डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें। आमतौर पर प्रिस्क्राइब की जाने वाली दवाएं: ब्लड शुगर कंट्रोल करने वाली दवाएं: मेटफॉर्मिन (Metformin): लिवर में शुगर उत्पादन कम करता है। सल्फोनीलयूरिया (Sulfonylureas): जैसे ग्लिमेपिराइड, पैंक्रियाज से इंसुलिन रिलीज बढ़ाता है। इंसुलिन (Insulin): टाइप 1 या एडवांस टाइप 2 डायबिटीज के लिए। न्यूरोपैथी के दर्द के लिए दवाएं: गैबापेंटिन (Gabapentin) या प्रीगाबालिन (Pregabalin): ये नसों की असामान्य गतिविधि को शांत करते हैं। डुलोक्सेटीन (Duloxetine): एक एंटीडिप्रेसेंट जो नसों के दर्द में मदद करता है। एमिट्रिप्टिलाइन (Amitriptyline): नींद लाने और दर्द कम करने के लिए (कम खुराक में)। सामयिक क्रीम (Topical Creams): कैप्साइसिन क्रीम (Capsaicin Cream): मिर्च से बनी यह क्रीम दर्द के सिग्नल को ब्लॉक करती है। लिडोकेन पैच (Lidocaine Patch): स्थानीय एनेस्थेटिक की तरह काम करता है। एंटीऑक्सीडेंट और सप्लीमेंट: अल्फा-लिपोइक एसिड (Alpha-Lipoic Acid): नसों की क्षति को कम करने में मदद करता है। बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन (B1, B6, B12): नसों की मरम्मत के लिए जरूरी। अन्य चिकित्सा उपचार: फिजियोथेरेपी: मांसपेशियों की कमजोरी और संतुलन सुधारने के लिए। ट्रांसक्यूटेनियस इलेक्ट्रिकल नर्व स्टिमुलेशन (TENS): एक छोटी मशीन से हल्के करंट के जरिए दर्द कम किया जाता है। पैरों की देखभाल (Foot Care): नियमित रूप से पैरों की जांच, नाखून काटना, और मॉइस्चराइजर लगाना। 5. सिद्ध घरेलू उपाय और जीवनशैली में बदलाव (Proven Home Remedies & Lifestyle Changes) घरेलू उपाय (Home Remedies): गर्म पानी से पैरों की सिकाई: रात को सोने से पहले 10-15 मिनट गुनगुने पानी (बहुत गर्म नहीं) में पैर डालें। इससे रक्त संचार बढ़ता है और दर्द कम होता है। एप्सम सॉल्ट का उपयोग: पानी में 1-2 चम्मच एप्सम सॉल्ट (मैग्नीशियम सल्फेट) डालकर पैर भिगोएं। यह सूजन और दर्द को कम करता है। हल्दी और दूध: रात को 1 गिलास गर्म दूध में 1 चम्मच हल्दी मिलाकर पिएं। हल्दी में करक्यूमिन होता है जो नसों की सूजन को कम करता है। आंवला और नीम: आंवला विटामिन C का अच्छा स्रोत है, जो नसों की मरम्मत में मदद करता है। नीम की पत्तियों का पेस्ट पैरों के घावों पर लगाया जा सकता है (लेकिन डॉक्टर से पूछकर)। एलोवेरा जेल: पैरों की जलन और सूखापन कम करने के लिए एलोवेरा जेल लगाएं। लहसुन का तेल: 2-3 लहसुन की कलियों को सरसों के तेल में हल्का गर्म करके पैरों पर मालिश करें। लहसुन में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes): रोजाना व्यायाम: 30 मिनट तक तेज चलना, योग (जैसे पादहस्तासन, वज्रासन), या स्विमिंग करें। इससे ब्लड शुगर कंट्रोल होता है और नसों में रक्त प्रवाह बढ़ता है। पैरों की नियमित जांच: हर दिन पैरों को देखें – कोई कट, छाला, लालिमा या सूजन तो नहीं है? शीशे की मदद से तलवों की जांच करें। सही जूते पहनें: ढीले, आरामदायक जूते पहनें जो पैरों पर दबाव न डालें। मोजे सूती और सीमलेस हों। धूम्रपान और शराब छोड़ें: ये दोनों नसों की क्षति को तेज करते हैं। तनाव प्रबंधन: ध्यान (मेडिटेशन), गहरी सांस लेना, और संगीत सुनना तनाव कम करता है, जो ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करता है। पर्याप्त नींद: रात में 7-8 घंटे की नींद लें। नींद की कमी से दर्द बढ़ सकता है। 6. मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर प्रभाव (Impact on Mental Health & Daily Life) डायबिटिक न्यूरोपैथी सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी बहुत थका देने वाली हो सकती है। मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव: अवसाद (Depression): लगातार दर्द और सुन्नपन से मूड खराब हो सकता है। कई लोग उदासी, निराशा या अकेलापन महसूस करते हैं। चिंता (Anxiety): पैरों में घाव या इंफेक्शन का डर, या चलने-फिरने में परेशानी से चिंता बढ़ जाती है। नींद की समस्या: रात में पैरों में दर्द या जलन के कारण नींद पूरी नहीं हो पाती, जिससे थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ता है। सामाजिक अलगाव: दर्द के कारण लोग पार्टी-वार्टी या परिवार के साथ घूमने नहीं जा पाते, जिससे वे अकेले हो जाते हैं। दैनिक जीवन पर प्रभाव: चलने-फिरने में कठिनाई: पैरों में कमजोरी या दर्द के कारण सीढ़ियां चढ़ना, बाजार जाना या रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो जाता है। काम पर असर: जिन लोगों को लंबे समय तक खड़ा रहना पड़ता है (जैसे दुकानदार, टीचर), उनके लिए यह बहुत मुश्किल हो सकता है। ड्राइविंग में समस्या: पैरों में सुन्नपन के कारण ब्रेक या क्लच का सही से इस्तेमाल नहीं हो पाता, जिससे एक्सीडेंट का खतरा बढ़ जाता है। आत्म-देखभाल में कमी: दर्द और थकान के कारण लोग खुद की देखभाल (जैसे पैर धोना, क्रीम लगाना) भी नहीं कर पाते। समाधान: परिवार का सहयोग, काउंसलिंग, और सपोर्ट ग्रुप्स (जैसे डायबिटीज इंडिया) बहुत मददगार हो सकते हैं। अगर आपको लगता है कि आप उदास या चिंतित हैं, तो डॉक्टर या मनोचिकित्सक से बात करने में संकोच न करें। 7. 10 विस्तृत FAQ (Frequently Asked Questions) 1. क्या डायबिटिक न्यूरोपैथी पूरी तरह ठीक हो सकती है? नहीं, यह पूरी तरह ठीक नहीं हो सकती, लेकिन सही इलाज और जीवनशैली से लक्षणों को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना सबसे जरूरी है। 2. पैरों में जलन के लिए तुरंत क्या करें? पैरों को ठंडे पानी (बर्फ नहीं) से धोएं, हल्दी वाला दूध पिएं, और डॉक्टर से प्रीगाबालिन या गैबापेंटिन जैसी दवा लेने के बारे में पूछें। घरेलू उपाय के रूप में एलोवेरा जेल लगा सकते हैं। 3. क्या डायबिटिक न्यूरोपैथी में पैरों की मालिश करनी चाहिए? हां, हल्की मालिश (लहसुन के तेल या सरसों के तेल से) फायदेमंद हो सकती है, लेकिन बहुत जोर से न दबाएं। अगर पैरों में घाव या संक्रमण है, तो मालिश न करें। 4. क्या डायबिटिक न्यूरोपैथी से हाथों में भी दर्द होता है? हां, इसे "डायबिटिक पोलीन्यूरोपैथी" कहते हैं। इसमें हाथों की उंगलियों में भी झुनझुनी, जलन या सुन्नपन हो सकता है। 5. क्या वजन कम करने से न्यूरोपैथी में फायदा होता है? बिल्कुल! वजन कम करने से ब्लड शुगर कंट्रोल होता है और नसों पर दबाव कम होता है। हर 1 किलो वजन घटाने से डायबिटीज कंट्रोल में सुधार आता है। 6. क्या मैं दवाइयों के बिना सिर्फ डाइट से न्यूरोपैथी को कंट्रोल कर सकता हूं? शुरुआती चरणों में डाइट और व्यायाम से ब्लड शुगर कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में दवाइयों की जरूरत होती है। डॉक्टर की सलाह जरूर लें। 7. क्या डायबिटिक न्यूरोपैथी में पैरों के नाखून काटना सुरक्षित है? हां, लेकिन सावधानी से। नाखूनों को सीधा काटें, गोल नहीं। अगर आपको दिखाई नहीं देता या हाथ कांपते हैं, तो किसी पोडियाट्रिस्ट से कटवाएं। 8. क्या शराब डायबिटिक न्यूरोपैथी को बढ़ाती है? हां, शराब नसों की क्षति को तेज करती है और ब्लड शुगर को अस्थिर करती है। इसे पूरी तरह से बंद करना सबसे अच्छा है। 9. क्या गर्भावस्था में डायबिटिक न्यूरोपैथी खतरनाक है? हां, गर्भावस्था में ब्लड शुगर का बढ़ना नसों को और नुकसान पहुंचा सकता है। गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की निगरानी में रहना चाहिए और इंसुलिन थेरेपी लेनी पड़ सकती है। 10. क्या डायबिटिक न्यूरोपैथी के लिए कोई सर्जरी होती है? सीधे तौर पर न्यूरोपैथी के लिए सर्जरी नहीं होती, लेकिन अगर पैरों में गंभीर घाव या गैंग्रीन हो जाए, तो एम्प्यूटेशन (अंग काटना) जरूरी हो सकता है। इससे बचने के लिए समय पर इलाज कराएं। महत्वपूर्ण चिकित्सा अस्वीकरण (Medical Disclaimer): यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। डायबिटिक न्यूरोपैथी एक गंभीर स्थिति है, और किसी भी दवा, डाइट या उपचार को शुरू करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या डायबिटीज विशेषज्ञ से परामर्श करें। लेखक या प्रकाशक किसी भी प्रकार की चिकित्सीय समस्या के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे। अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और नियमित जांच कराते रहें। नोट: अगर आपको यह गाइड उपयोगी लगी हो, तो कृपया इसे अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर करें। डायबिटीज के मरीजों को सही जानकारी और सहयोग की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। स्वस्थ रहें, मुस्कुराते रहें!

Onion juice hair growth real ya bakwas? Mera 5 din ka experience bata raha hoon 😭🧅

Bhai log, genuine question hai. Onion juice for hair growth - is it real or just another desi nuskha that doesn't work? 🧅 So my mom forced me to try it last week. She was like "beta, yeh toh natural hai, minoxidil se better hai." I was skeptical but I gave in. Applied fresh onion juice with cotton, kept for 30 mins. The smell? Bhai, so bad I couldn't sleep in my room. My roommate literally thought I was cooking dinner at 2am. 🫠 Koi result? Umm, after 5 days, I see slight fuzz on my temples, but could be placebo. Also my scalp feels a bit tingly, but not in a good way. And the redness? Thoda zyada hai. Side effects toh minoxidil ke dar lag rahe the, ab onion juice bhi sus lag raha hai. Does it actually stimulate follicles? Ya just smells like a salad and wastes time? I know some studies say quercetin helps, but real Indian users? Anyone got progress pics? Mere friends toh bolte hain "onion juice se toh tera head bhi onion jaisa ho jayega, layers me." 🫤 Honestly, I'm desperate. Minoxidil se darr lagta hai, finasteride ka toh sochna bhi nahi. Onion juice hi last hope lag raha hai. Please share your honest experiences. Sabse important - did it work for YOU? Or am I wasting my time smelling like a bhaji for nothing?

BP 150/100 tha, aaj 130/85! Namak aadha karke dekho kya magic hua!

Aaj subah hi BP check kiya to 150/100 tha. Bahut dar lagta hai. Doctor ne pehle bhi kaha tha ki namak kam khao, par main to sochti thi ki namak se hi khane me swaad aata hai. Lekin pichle hafte se maine roj ka namak aadha kar diya hai. Bas ek chutki dalta hoon sabzi me, aur aata bhi namak ke bina hi gundhti hoon. Aur kya pata, aaj BP normal tha! 130/85. Mera man kiya ki choti bahu ko bhi bata doon ki namak kam khane ke fayde hote hain, par woh to sunti hi nahi. Usko toh sirf fried food aur chatpata chahiye. Lekin main toh ab roj thoda thoda kam karti jaa rahi hoon. Kya aap log bhi namak kam karte ho? Koi tips ho to batao. Mere pair me sujan bhi thoda kam hua hai. Lagta hai BP control me aane se body bhi relax hoti hai. Bas ghar ka tension kam ho toh aur acha rahe.

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