r jet 20mg injection allopathy (Rabeprazole (20mg)) - Uses in Hindi, Side Effects, Substitutes & Price in India
r jet 20mg injection allopathy (Rabeprazole (20mg)) - Uses in Hindi, Side Effects, Substitutes & Price in India manufactured by Mexato Pharmaceuticals Pvt Ltd. Contains Rabeprazole (20mg).

r jet 20mg injection - Uses, Price, Side Effects & Substitutes

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Rabeprazole (20mg) (Click to see all medicines with same salt)
🏭 Mexato Pharmaceuticals Pvt Ltd 📦 Varies by brand 💊 Allopathy 📅 Updated: Jun 22, 2026
Medically Reviewed
By SaathiMed Expert Medical Panel

What is r jet 20mg injection used for?

r jet 20mg injection (Rabeprazole (20mg)) is used to treat gastro intestinal. It contains Rabeprazole (20mg), which works by treating the condition effectively. Always consult your doctor before use. Take as prescribed.

  • Generic Name: Rabeprazole (20mg)
  • Manufacturer: Mexato Pharmaceuticals Pvt Ltd
  • Medicine Form: Allopathy
  • Pregnancy Category: Consult doctor

🇮🇳 r jet 20mg injection के बारे में संक्षिप्त जानकारी (Hindi Summary)

r jet 20mg injection का उपयोग मुख्य रूप से gastro intestinal और उससे जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। इस दवा में मुख्य सामग्री के रूप में Rabeprazole (20mg) मौजूद है। इसे डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए, खासकर गर्भावस्था (pregnancy) और लिवर (liver) की समस्याओं में।

मुख्य फायदे (Key Benefits): Detailed medical information is being added to our database.... Read more below.

💡 Did You Know? India is the largest provider of generic medicines globally, supplying over 50% of global vaccine demand.

📋 Drug Information

Generic Name(s)Rabeprazole (20mg)
Brand Namer jet 20mg injection
ManufacturerMexato Pharmaceuticals Pvt Ltd
Packaging / FormVaries by brand (Allopathy)
Therapeutic ClassGASTRO INTESTINAL
Action ClassProton pump inhibitors
Route of AdministrationOral
StorageRoom temperature (15-30°C), away from moisture
Shelf LifeAs per manufacturer

💡 How and when to take r jet 20mg injection?

Follow your doctor's prescription exactly.

  • ✅ Take exactly as prescribed by your doctor.
  • ✅ Do not exceed the recommended dose
  • ✅ Complete the full course of medication
  • ✅ Store at room temperature away from moisture

💊 r jet 20mg injection Uses in Hindi (Ke Fayde), Benefits & Indications

Detailed medical information is being added to our database.

⚠️ What are the side effects of r jet 20mg injection?

  • Nausea
  • Vomiting
  • Headache
  • Dizziness
  • Flatulence
  • Diarrhea
  • Stomach pain
  • Thrombophlebitis

Consult your doctor if you experience any unusual symptoms.

🔬 Drug Interactions

🛡️ Safety & Warnings

🛑 Myths vs. Facts about r jet 20mg injection

  • Myth: Generic substitutes of r jet 20mg injection are less effective.
    Fact: Approved generic medicines contain the exact same active ingredients (Rabeprazole (20mg)) and are just as safe and effective as the branded version.
  • Myth: Taking a double dose will cure my symptoms faster.
    Fact: Taking more than the prescribed dose of r jet 20mg injection can lead to severe toxicity or an overdose. Stick strictly to your doctor's dosage.
  • Myth: This medicine is 100% safe for everyone.
    Fact: No medicine is universally safe. Safety depends on your medical history, ongoing medicines, and potential allergies. Always consult a doctor.

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Complete Guide to Healthy Eating Habits - 08-06-2026

स्वस्थ खाने की आदतें: एक संपूर्ण मेडिकल गाइड (Healthy Eating Habits: A Complete Medical Guide) नमस्ते! क्या आप जानते हैं कि हम जो कुछ भी खाते हैं, वह सीधे हमारे शरीर की हर कोशिका को प्रभावित करता है? सही खान-पान सिर्फ वजन कम करने के लिए नहीं, बल्कि बीमारियों से बचने, एनर्जी बढ़ाने और मानसिक शांति पाने के लिए भी ज़रूरी है। इस गाइड में हम Healthy Eating Habits को हर एंगल से समझेंगे—बीमारी के मैकेनिज़्म से लेकर घरेलू उपायों तक। चलिए शुरू करते हैं! 1. Deep Introduction & Disease Mechanism (गहरा परिचय और बीमारी का मैकेनिज़्म) शरीर के अंदर क्या होता है? जब हम खाते हैं, तो हमारा पाचन तंत्र भोजन को तोड़कर ग्लूकोज, फैटी एसिड और अमीनो एसिड में बदलता है। ये पोषक तत्व खून में जाते हैं और कोशिकाओं तक पहुंचते हैं। लेकिन जब हम गलत खाना खाते हैं (जैसे ज्यादा चीनी, प्रोसेस्ड फूड), तो शरीर में सूजन (inflammation) और इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है। यही धीरे-धीरे मोटापा, डायबिटीज, हार्ट डिजीज और यहां तक कि डिप्रेशन का कारण बनता है। क्यों होता है यह सब? इंसुलिन रेजिस्टेंस: जब आप ज्यादा मीठा खाते हैं, तो पैंक्रियाज ज्यादा इंसुलिन बनाता है। धीरे-धीरे कोशिकाएं इंसुलिन को इग्नोर करने लगती हैं, जिससे ब्लड शुगर बढ़ता है। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस: प्रोसेस्ड फूड और तले-भुने खाने से फ्री रेडिकल्स बढ़ते हैं, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। गट माइक्रोबायोम असंतुलन: फाइबर की कमी से आंतों के अच्छे बैक्टीरिया मर जाते हैं, जिससे पाचन खराब होता है और इम्युनिटी कमजोर होती है। 2. Common AND Rare Symptoms (सामान्य और दुर्लभ लक्षण) सामान्य लक्षण (जो ज्यादातर लोगों को होते हैं): थकान और कमजोरी: खाने के बाद भी एनर्जी नहीं आती। पेट फूलना या गैस: खासकर तले या मसालेदार खाने के बाद। वजन बढ़ना: खासकर पेट के आसपास (visceral fat)। त्वचा पर मुंहासे या रैशेज: ज्यादा चीनी और डेयरी से। नींद न आना: रात में खाने की गलत आदतों से। दुर्लभ लक्षण (जिन्हें अक्सर नजरअंदाज किया जाता है): पैरों में जलन या झुनझुनी (tingling): यह न्यूरोपैथी का संकेत हो सकता है, जो डायबिटीज या विटामिन B12 की कमी से होता है। बार-बार इंफेक्शन होना: जैसे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) या फंगल इंफेक्शन। धुंधला दिखना (blurred vision): हाई ब्लड शुगर का शुरुआती संकेत। मुंह में छाले या जीभ पर सफेद परत: पाचन तंत्र में खराबी या कैंडिडा ओवरग्रोथ। मसूड़ों से खून आना: विटामिन C की कमी या सूजन का संकेत। 3. Detailed Diet Plan (विस्तृत डाइट प्लान: क्या खाएं और क्या न खाएं) क्या खाएं (Indian Foods के साथ): साबुत अनाज (Whole Grains): ज्वार, बाजरा, रागी (nachni), ओट्स, ब्राउन राइस। ये फाइबर से भरपूर होते हैं और ब्लड शुगर को कंट्रोल करते हैं। प्रोटीन के स्रोत: दालें (मूंग, तुअर, चना), पनीर, सोया, अंडे, मछली (सार्डिन, मैकेरल), और चिकन (त्वचा रहित)। हेल्दी फैट्स: नारियल का तेल, सरसों का तेल, घी (सीमित मात्रा में), अखरोट, बादाम, अलसी के बीज (flax seeds), चिया सीड्स। हरी पत्तेदार सब्जियां: पालक, मेथी, बथुआ, सरसों का साग। ये आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हैं। फल: जामुन (ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी), सेब, नाशपाती, पपीता, अनार। केला और आम कम मात्रा में लें। डेयरी: दही (प्रोबायोटिक), छाछ, और कम फैट वाला दूध। मसाले और जड़ी-बूटियां: हल्दी (करक्यूमिन), अदरक, दालचीनी, मेथी दाना, लहसुन—ये एंटी-इंफ्लेमेटरी हैं। क्या न खाएं (Avoid List): प्रोसेस्ड फूड्स: पैकेज्ड स्नैक्स (चिप्स, नमकीन), फ्रोजन समोसे, इंस्टेंट नूडल्स। रिफाइंड शुगर: मिठाई, कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, केक, बिस्कुट। रिफाइंड आटा (मैदा): नान, ब्रेड, पिज्जा बेस, पास्ता। ट्रांस फैट: तले हुए खाने (भजिया, पकौड़े), मार्जरीन, वनस्पति घी। ज्यादा नमक: अचार, पापड़, सॉस, प्रोसेस्ड मीट (सॉसेज, बेकन)। शराब और धूम्रपान: ये लिवर और हार्ट को नुकसान पहुंचाते हैं। एक दिन का नमूना डाइट चार्ट: सुबह (7 AM): गुनगुने पानी में नींबू और शहद। नाश्ता (8 AM): रागी का दलिया या ओट्स इडली + सांबर। मिड-मॉर्निंग (10:30 AM): एक सेब या मुट्ठी भर बादाम। दोपहर का खाना (1 PM): ज्वार की रोटी + मूंग दाल + पालक की सब्जी + दही। शाम (4 PM): नारियल पानी या ग्रीन टी + भुने चने। रात का खाना (7 PM): ग्रिल्ड पनीर या चिकन + सलाद (खीरा, टमाटर, गाजर)। सोने से पहले (9:30 PM): एक गिलास गर्म दूध में हल्दी। 4. Medical Management (दवाओं का प्रबंधन: शैक्षिक जानकारी) नोट: यह केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। आमतौर पर डॉक्टर क्या लिखते हैं? मेटफॉर्मिन (Metformin): टाइप 2 डायबिटीज के लिए पहली पसंद। यह लिवर में ग्लूकोज बनना कम करता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है। स्टैटिन्स (Statins): जैसे एटोरवास्टेटिन—यह कोलेस्ट्रॉल कम करता है और हार्ट अटैक का खतरा घटाता है। एंटीहाइपरटेंसिव (Antihypertensives): जैसे एम्लोडिपिन या लोसार्टन—ये ब्लड प्रेशर कंट्रोल करते हैं। प्रोबायोटिक्स: गट हेल्थ सुधारने के लिए (लैक्टोबैसिलस, बिफीडोबैक्टीरियम)। विटामिन सप्लीमेंट्स: विटामिन D, B12, और ओमेगा-3 फैटी एसिड (मछली के तेल के कैप्सूल)। ये दवाएं कैसे काम करती हैं? मेटफॉर्मिन: लिवर को कम ग्लूकोज बनाने का संकेत देता है और मांसपेशियों को ज्यादा ग्लूकोज सोखने में मदद करता है। स्टैटिन्स: लिवर में कोलेस्ट्रॉल बनाने वाले एंजाइम (HMG-CoA रिडक्टेस) को ब्लॉक करता है। प्रोबायोटिक्स: आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाते हैं, जिससे पाचन और इम्युनिटी मजबूत होती है। 5. Proven Home Remedies & Lifestyle Changes (सिद्ध घरेलू उपाय और जीवनशैली में बदलाव) घरेलू उपाय: मेथी दाना पानी: रातभर एक चम्मच मेथी दाना पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट पिएं। यह ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल कम करता है। हल्दी वाला दूध: रात को सोने से पहले एक चुटकी हल्दी के साथ गर्म दूध पिएं। यह सूजन कम करता है और इम्युनिटी बढ़ाता है। अदरक और नींबू की चाय: ताजा अदरक कद्दूकस करके उबालें, फिर नींबू और शहद मिलाएं। यह पाचन सुधारता है और वजन घटाने में मदद करता है। त्रिफला चूर्ण: रात में एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ लें। यह कब्ज दूर करता है और आंतों को साफ करता है। नारियल पानी: दिन में एक बार नारियल पानी पिएं। यह इलेक्ट्रोलाइट्स बैलेंस करता है और डिटॉक्स करता है। जीवनशैली में बदलाव: समय पर खाना: हर दिन एक ही समय पर खाने की आदत डालें। रात का खाना सोने से 2-3 घंटे पहले खत्म करें। पानी पीने का नियम: दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। खाने के बीच में पानी पिएं, खाने के साथ नहीं। रोजाना एक्सरसाइज: 30 मिनट तेज चलना, योगा (सूर्य नमस्कार, अनुलोम-विलोम) या साइकिलिंग करें। नींद पूरी करें: 7-8 घंटे की नींद लें। नींद की कमी से हार्मोन असंतुलन होता है और भूख बढ़ती है। स्ट्रेस मैनेजमेंट: मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग या अपने शौक (जैसे बागवानी, पेंटिंग) के लिए समय निकालें। 6. Impact on Mental Health and Daily Life (मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर प्रभाव) मानसिक स्वास्थ्य पर असर: डिप्रेशन और चिंता: गलत खान-पान (ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड) से ब्रेन में सेरोटोनिन (खुशी का हार्मोन) कम बनता है। इससे मूड खराब होता है और डिप्रेशन का खतरा बढ़ता है। ब्रेन फॉग (Brain Fog): हाई शुगर और फैट से दिमाग सुस्त हो जाता है, याददाश्त कमजोर होती है, और ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है। नींद की समस्या: रात में भारी खाना खाने से नींद में खलल पड़ता है, जिससे थकान और चिड़चिड़ापन बढ़ता है। दैनिक जीवन पर असर: एनर्जी लेवल: सही खाना खाने से दिनभर एनर्जी बनी रहती है, जबकि गलत खाना खाने से दोपहर में सुस्ती आती है। सामाजिक जीवन: अगर आप डाइट पर हैं, तो पार्टियों या फैमिली गेदरिंग में खाने को लेकर परेशानी हो सकती है। लेकिन हेल्दी विकल्प चुनकर (जैसे ग्रिल्ड स्नैक्स, फ्रूट चाट) आप मजा ले सकते हैं। खर्च: हेल्दी खाना (जैसे ताजी सब्जियां, फल) कभी-कभी महंगा लग सकता है, लेकिन लंबे समय में यह डॉक्टर के बिल और दवाओं से सस्ता पड़ता है। 7. 10 Detailed FAQs (लंबी-टेल सर्च क्वेरी के साथ) 1. क्या वजन घटाने के लिए सिर्फ सलाद खाना काफी है? नहीं, सिर्फ सलाद खाने से शरीर को जरूरी प्रोटीन और फैट नहीं मिलता। वजन घटाने के लिए बैलेंस्ड डाइट ज़रूरी है—जिसमें प्रोटीन (दाल, पनीर), हेल्दी फैट (नट्स), और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स (रागी, ओट्स) शामिल हों। सलाद को मील का हिस्सा बनाएं, पूरा मील नहीं। 2. डायबिटीज में कौन से फल खा सकते हैं? डायबिटीज में कम शुगर वाले फल खाएं: जामुन, सेब, नाशपाती, पपीता, और कीवी। केला, आम, और अंगूर सीमित मात्रा में लें। फल को जूस की बजाय पूरा खाएं ताकि फाइबर मिले। 3. क्या रोजाना दूध पीना हेल्दी है? हां, लेकिन सीमित मात्रा में (1-2 गिलास)। अगर आपको लैक्टोज इनटॉलरेंस है, तो बादाम दूध, सोया दूध या दही का सेवन करें। दूध में कैल्शियम और विटामिन D होता है, जो हड्डियों के लिए ज़रूरी है। 4. खाने के बाद पेट फूलने से कैसे बचें? खाने को अच्छी तरह चबाकर खाएं। गैस पैदा करने वाले खाने (जैसे राजमा, छोले, पत्तागोभी) को कम मात्रा में लें। खाने के साथ पानी न पिएं, बल्कि 30 मिनट बाद पिएं। अदरक या पुदीने की चाय फायदेमंद है। 5. क्या शाकाहारी लोगों को प्रोटीन की कमी हो सकती है? नहीं, अगर सही स्रोत चुनें। दालें (मूंग, तुअर), सोया, पनीर, टोफू, क्विनोआ, और नट्स (बादाम, अखरोट) प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। रोजाना अलग-अलग दालें और साबुत अनाज मिलाकर खाएं। 6. हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या खाएं? ओमेगा-3 फैटी एसिड वाले खाने (अखरोट, अलसी, मछली), हरी पत्तेदार सब्जियां, जामुन, और साबुत अनाज खाएं। नमक कम लें, और ट्रांस फैट (तला-भुना) से बचें। रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज करें। 7. क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग (IF) भारतीयों के लिए सुरक्षित है? हां, लेकिन डॉक्टर की सलाह से। IF (जैसे 16:8) वजन घटाने और इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाने में मदद करता है। लेकिन अगर आपको डायबिटीज, लो बीपी, या पेट की बीमारी है, तो पहले डॉक्टर से बात करें। 8. बच्चों को हेल्दी खाने की आदत कैसे डालें? खुद उदाहरण बनें—बच्चे वही खाते हैं जो आप खाते हैं। खाने को मजेदार बनाएं (जैसे फ्रूट सैंडविच, वेजिटेबल पराठा)। जंक फूड को पूरी तरह न रोकें, बल्कि सीमित मात्रा में दें। बच्चों को खाना बनाने में शामिल करें। 9. क्या घी खाना हेल्दी है या नहीं? हां, घी हेल्दी फैट है, लेकिन सीमित मात्रा में (1-2 चम्मच रोजाना)। घी में ब्यूटिरिक एसिड होता है, जो पाचन और इम्युनिटी के लिए अच्छा है। लेकिन ज्यादा घी खाने से वजन बढ़ सकता है। 10. त्वचा पर निखार लाने के लिए क्या खाएं? विटामिन C वाले फल (संतरा, आंवला, कीवी), विटामिन E वाले नट्स (बादाम), और एंटीऑक्सीडेंट वाली सब्जियां (पालक, टमाटर) खाएं। रोजाना 8-10 गिलास पानी पिएं और चीनी कम खाएं। मेडिकल डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले हमेशा एक योग्य डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लें। लेखक या प्रकाशक किसी भी प्रकार की चिकित्सीय स्थिति के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

6 mahine ka baby, saas ke karela juice aur PPD – kya karun? Help chahiye!

Yaar mera mann bahut heavy hai aaj. Mera baby abhi 6 mahine ka hai aur main literally exhausted hoon. Raat ko 2-2 ghante jagti hoon, baby ko feed karti hoon, phir uthke sulaati hoon. Subah uthne ka mann nahi karta. Aur upar se meri saas - unka kya kehna? "Beta tumhare baal jhad rahe hain, yeh sab tension ki wajah se hai. Main tumhe karela ka juice peelaati hoon, mera bhi aise hi hua tha." Yaar main already postpartum depression se lad rahi hoon, aur ab yeh unke nuskhe mujhe aur pareshan kar rahe hain. Kal unhone mere haath mein haldi aur neem ka lep lagwane ko kaha "shanti milegi". Main toh sochti hoon ki mujhe bas koi therapy chahiye ya koi professional help, lekin woh kehti hain ki "doctor se kya lena, ghar ke nuskhe kaafi hain." Maine ek baar apne doctor se baat kiya, unhone mild antidepressants diye hain, lekin main leti nahi hoon kyunki mujhe darr hai ki baby ko kya effect hoga. Kya kisi aur ko bhi aisa experience hua? Saas ke pressure aur treatment ke beech mein kya karte ho? Please koi help.

**Office chair pe baithe pet kaise kam karein? Rishta wapas gaya, ab kya karein?**

Yaar ye bank job ne meri kya halat kar di hai. Subah 9 se shaam 6 tak ek jagah baitha raho, bas chai aur biscuit ka chakkar. Pet nikal aaya hai itna ki formal shirt ke buttons khul jaate hain. Aaj toh kya hua, family ne rishta laaya tha ladki wale dekhne. Mummy ne pehle hi kaha "beta thoda slim dikhna". Maine naya shirt pehna, pet andar kar ke baitha raha. Par jab utha toh pet wapas bahar aa gaya. Ladki wale ne seedha puch liya - "ye exercise karte ho?" Mera toh muh kaala ho gaya. Gym join karta hoon par 1 hafte mein chhod deta hoon, waha jaana boring lagta hai. Koi simple desi upaay batao yaar. Ghar par baith ke kya kar sakta hoon? Main toh yoga bhi try kiya tha par usme bhi discipline chahiye. Aur khana toh office mein oily hi milta hai. Koi office-friendly diet hai? Ya koi aisa exercise jo chair pe baith ke ho sake? Please help karo, warna agle rishte mein bhi yahi haal hoga.

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