famish tablet - Uses, Price and Side Effects

famish tablet: Uses, Price & Side Effects

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🏭 Kaps3 Life Sciences 📦 Varies by brand 💊 Allopathy 📅 Updated: Jun 13, 2026
Medically Reviewed
By SaathiMed Expert Medical Panel

What is famish tablet used for? (Quick Answer)

🩺 Primary Use:
famish tablet is primarily used for the treatment of gastro intestinal.
🧪 Active Ingredient & Working:
It contains Clidinium (2.5mg) + Chlordiazepoxide (5mg) which works by treating the underlying condition effectively.
⚠️ Safety Warning:
Always consult your doctor before using this medicine, especially to check if it is safe during pregnancy or if you suffer from liver or kidney issues.
💡 Did You Know? India has the highest number of USFDA-compliant plants outside the USA.

📋 Drug Information

Generic Name(s)Clidinium (2.5mg) + Chlordiazepoxide (5mg)
Manufacturer / BrandKaps3 Life Sciences
Packaging / FormVaries by brand (Allopathy)
Therapeutic ClassGASTRO INTESTINAL
Action Class
Prescription Required✓ Yes (Schedule H Drug)
StorageRoom temperature (15-30°C), away from moisture

💊 famish tablet Uses in Hindi & English (Ke Fayde)

Detailed medical information is being added to our database.

💡 How to Take famish tablet (Khane ka tarika)

Follow your doctor's prescription exactly.

  • ✅ Take exactly as prescribed by your doctor.
  • ✅ Do not exceed the recommended dose
  • ✅ Complete the full course of medication
  • ✅ Store at room temperature away from moisture

⚠️ Side Effects of famish tablet (Nuksan)

Common and serious side effects may include:

  • Nausea
  • Constipation
  • Nervousness
  • Dryness in mouth
  • Difficulty in urination
  • Confusion
  • Sleepiness
  • Weakness
  • Dizziness
  • Blurred vision
  • Impaired coordination

Consult your doctor if you experience any unusual symptoms.

📖 Patient Counseling & Warnings

  • 🔹 Do not stop suddenly without consulting your doctor
  • 🔹 Inform your doctor about all other medications you're taking
  • 🔹 Avoid alcohol while taking this medication
  • 🔹 If you miss a dose, take it as soon as you remember
  • 🔹 Seek immediate medical help if you experience severe allergic reactions

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Complete Guide to Weight Loss Tips - 26-05-2026

वेट लॉस टिप्स: एक संपूर्ण मेडिकल गाइड (Weight Loss Tips: A Complete Medical Guide) नमस्ते! अगर आप वेट लॉस (Weight Loss) के बारे में सोच रहे हैं, तो यह गाइड आपके लिए है। यहाँ हम सिर्फ डाइट या एक्सरसाइज की बात नहीं करेंगे, बल्कि पूरे शरीर के मैकेनिज्म को समझेंगे। वजन कम करना कोई जादू नहीं है, यह एक साइंस है। इस गाइड में हम हर छोटी-बड़ी बात को हिंग्लिश (Hinglish) में समझाएंगे, ताकि आपको आसानी से समझ आए। चलिए शुरू करते हैं! 1. डीप इंट्रोडक्शन और डिजीज मैकेनिज्म (Deep Introduction & Disease Mechanism) वजन बढ़ने का साइंस: शरीर के अंदर क्या होता है? वजन बढ़ना (Weight Gain) सिर्फ खाने-पीने की आदतों का नतीजा नहीं है, बल्कि यह एक जटिल प्रक्रिया है जो हमारे हार्मोन्स, मेटाबॉलिज्म और कैलोरी बैलेंस पर निर्भर करती है। जब हम जितनी कैलोरी खाते हैं, उससे ज्यादा कैलोरी बर्न नहीं करते, तो एक्स्ट्रा कैलोरी फैट सेल्स (Adipose Tissue) में जमा हो जाती है। यह फैट खासतौर पर पेट, कूल्हों और जांघों पर जमा होता है। हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance) इंसुलिन (Insulin): ज्यादा शुगर और कार्ब्स खाने से इंसुलिन का लेवल बढ़ता है, जो फैट स्टोरेज को बढ़ावा देता है। कोर्टिसोल (Cortisol): तनाव (Stress) के कारण कोर्टिसोल बढ़ता है, जो पेट की चर्बी (Belly Fat) का मुख्य कारण है। लेप्टिन (Leptin) और घ्रेलिन (Ghrelin): ये भूख और पेट भरने के सिग्नल देते हैं। इनका असंतुलन ओवरईटिंग का कारण बनता है। थायरॉइड (Thyroid): हाइपोथायरॉइडिज्म (Hypothyroidism) मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है, जिससे वजन बढ़ता है। मेटाबॉलिज्म का रोल (Role of Metabolism) मेटाबॉलिज्म वह प्रक्रिया है जिससे शरीर खाने को एनर्जी में बदलता है। बेसल मेटाबॉलिक रेट (BMR) वह कैलोरी है जो आराम करने पर भी शरीर जलाता है। उम्र, जेंडर, मसल मास और जेनेटिक्स BMR को प्रभावित करते हैं। जब BMR कम होता है, तो वजन कम करना मुश्किल हो जाता है। फैट बर्निंग प्रोसेस (Fat Burning Process) जब आप कैलोरी डेफिसिट (Calorie Deficit) में होते हैं, तो शरीर स्टोर्ड फैट को तोड़कर एनर्जी बनाता है। यह प्रक्रिया लिपोलिसिस (Lipolysis) कहलाती है। फैट सेल्स से फैटी एसिड्स निकलते हैं और माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) में जलकर एनर्जी बनाते हैं। इसलिए एक्सरसाइज और डाइट दोनों जरूरी हैं। 2. कॉमन और रेयर सिंपटम्स (Common and Rare Symptoms) वजन बढ़ने के कॉमन लक्षण पेट पर चर्बी (Belly Fat): यह सबसे आम लक्षण है, खासकर मिडिल सेक्शन में। थकान और कमजोरी (Fatigue): वजन बढ़ने से शरीर पर दबाव बढ़ता है, जिससे एनर्जी कम होती है। सांस फूलना (Shortness of Breath): ज्यादा वजन फेफड़ों पर दबाव डालता है। जोड़ों में दर्द (Joint Pain): खासकर घुटनों और कमर में, क्योंकि वजन ढोने से जोड़ों पर स्ट्रेस बढ़ता है। नींद न आना (Insomnia): मोटापा स्लीप एपनिया (Sleep Apnea) का कारण बन सकता है। पसीना आना (Excessive Sweating): ज्यादा फैट इंसुलेशन का काम करता है, जिससे शरीर गर्म होता है। रेयर लक्षण (Rare Symptoms) त्वचा पर खिंचाव के निशान (Stretch Marks): तेजी से वजन बढ़ने से त्वचा पर बैंगनी या सफेद लकीरें बन जाती हैं। एकैन्थोसिस निगरिकन्स (Acanthosis Nigricans): गर्दन या बगल में काली, मखमली त्वचा, जो इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत है। पैरों में सूजन (Edema): वजन बढ़ने से लसीका तंत्र (Lymphatic System) प्रभावित होता है। हार्मोनल असंतुलन के लक्षण: जैसे महिलाओं में अनियमित पीरियड्स (Irregular Periods) या पुरुषों में कम टेस्टोस्टेरोन (Low Testosterone)। 3. डिटेल्ड डाइट प्लान (Detailed Diet Plan) क्या खाएं (What to Eat) - इंडियन फूड्स हाई प्रोटीन फूड्स: दालें (मसूर, मूंग, चना), सोयाबीन, पनीर, अंडे, चिकन ब्रेस्ट, मछली (सैल्मन, टूना), और छाछ (Buttermilk)। फाइबर रिच फूड्स: ओट्स, ज्वार, बाजरा, ब्राउन राइस, क्विनोआ, हरी सब्जियां (पालक, मेथी, ब्रोकली), और फल (सेब, नाशपाती, जामुन)। हेल्दी फैट्स: नारियल तेल, जैतून का तेल, बादाम, अखरोट, अलसी के बीज, और एवोकाडो। लो-कैलोरी ड्रिंक्स: ग्रीन टी, नींबू पानी, नारियल पानी, और हर्बल टी। मसाले और हर्ब्स: हल्दी, अदरक, लहसुन, दालचीनी, और जीरा - ये मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं। क्या न खाएं (What Not to Eat) प्रोसेस्ड फूड्स: बिस्कुट, पैकेज्ड स्नैक्स, मैगी, और कोल्ड ड्रिंक्स। हाई शुगर फूड्स: मिठाई (गुलाब जामुन, जलेबी), केक, पेस्ट्री, और सॉफ्ट ड्रिंक्स। रिफाइंड कार्ब्स: सफेद चावल, मैदा, सफेद ब्रेड, और नूडल्स। फ्राइड फूड्स: समोसा, पकोड़े, फ्रेंच फ्राइज, और भुजिया। हाई फैट डेयरी: फुल क्रीम दूध, मक्खन, और क्रीम। सैंपल डाइट प्लान (Sample Diet Plan) सुबह (7 AM): गुनगुना पानी + नींबू + शहद। नाश्ता (8 AM): 2 अंडे का ऑमलेट + 1 रोटी (ज्वार या बाजरा) + हरी सब्जी। मिड-मॉर्निंग (10 AM): 1 सेब या 1 मुट्ठी बादाम। दोपहर का खाना (1 PM): 1 कटोरी दाल + 1 कटोरी सब्जी + 1 रोटी + सलाद। शाम का नाश्ता (4 PM): ग्रीन टी + 1 मुट्ठी भुने चने। रात का खाना (7 PM): ग्रिल्ड चिकन या पनीर + स्टीम्ड सब्जियां। सोने से पहले (10 PM): 1 गिलास गुनगुना दूध (बिना चीनी)। 4. मेडिकल मैनेजमेंट (Medical Management) डॉक्टर क्या दवाइयां लिख सकते हैं? ध्यान दें: यह सिर्फ शैक्षिक जानकारी है। कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। ऑर्लिस्टैट (Orlistat): यह दवा फैट के अवशोषण को रोकती है। यह पेट और आंतों में फैट को तोड़ने वाले एंजाइम्स को ब्लॉक करता है, जिससे फैट मल के साथ बाहर निकल जाता है। साइड इफेक्ट्स में गैस और तैलीय मल शामिल हैं। मेटफॉर्मिन (Metformin): यह टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए है। यह लिवर में ग्लूकोज उत्पादन कम करता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है, जिससे वजन कम होता है। फेंटरमाइन (Phentermine): यह एक एपेटाइट सप्रेसेंट है जो भूख को कम करता है। यह केवल थोड़े समय के लिए लिया जाता है। लिराग्लूटाइड (Liraglutide): यह एक GLP-1 एगोनिस्ट है जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है और पेट भरा हुआ महसूस कराता है। बुप्रोपियन-नाल्ट्रेक्सोन (Bupropion-Naltrexone): यह कॉम्बिनेशन दवा भूख और क्रेविंग को कम करती है। सर्जिकल ऑप्शन्स (Surgical Options) गैस्ट्रिक बाईपास (Gastric Bypass): पेट के ऊपरी हिस्से को छोटा करके छोटी आंत से जोड़ा जाता है, जिससे खाना कम अवशोषित होता है। गैस्ट्रिक स्लीव (Gastric Sleeve): पेट का 80% हिस्सा हटा दिया जाता है, जिससे भूख कम लगती है। एडजस्टेबल गैस्ट्रिक बैंड (Adjustable Gastric Band): पेट के ऊपरी हिस्से पर एक बैंड लगाया जाता है, जो खाने की मात्रा को सीमित करता है। 5. प्रूवेन होम रेमेडीज और लाइफस्टाइल चेंजेस (Proven Home Remedies & Lifestyle Changes) होम रेमेडीज (Home Remedies) ग्रीन टी: रोज 2-3 कप ग्रीन टी पिएं। इसमें कैटेचिन (Catechins) होते हैं जो मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं। नींबू और शहद: सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर पिएं। यह डिटॉक्स करता है और पाचन सुधारता है। अदरक की चाय: अदरक में जिंजरोल (Gingerol) होता है जो फैट बर्निंग को बढ़ावा देता है। दालचीनी: 1 चम्मच दालचीनी पाउडर गुनगुने पानी में मिलाकर पिएं। यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है और क्रेविंग कम करता है। मेथी दाना: रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाएं। यह फाइबर से भरपूर है और भूख कम करता है। लाइफस्टाइल चेंजेस (Lifestyle Changes) रोज 30 मिनट एक्सरसाइज: तेज चलना, जॉगिंग, योग, या साइकिलिंग करें। HIIT (High-Intensity Interval Training) फैट बर्निंग के लिए बेस्ट है। नींद पूरी करें: 7-8 घंटे की नींद लें। नींद की कमी से कोर्टिसोल बढ़ता है और वजन बढ़ता है। तनाव कम करें: मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग, या म्यूजिक सुनें। तनाव से कोर्टिसोल बढ़ता है, जो पेट की चर्बी बढ़ाता है। पानी पिएं: दिन में 8-10 गिलास पानी पिएं। पानी मेटाबॉलिज्म को 30% तक बढ़ा सकता है। खाने की आदतें: छोटी प्लेट में खाएं, धीरे-धीरे चबाएं, और रात का खाना सोने से 2-3 घंटे पहले खाएं। 6. मेंटल हेल्थ और डेली लाइफ पर इम्पैक्ट (Impact on Mental Health and Daily Life) मेंटल हेल्थ पर असर सेल्फ-एस्टीम में कमी: वजन बढ़ने से लोग खुद को कम आंकने लगते हैं, जिससे डिप्रेशन (Depression) और एंग्जायटी (Anxiety) हो सकती है। सोशल आइसोलेशन: मोटापे के कारण लोग सोशल इवेंट्स से बचते हैं, जिससे अकेलापन बढ़ता है। ईटिंग डिसऑर्डर: कुछ लोग बिंज ईटिंग (Binge Eating) या इमोशनल ईटिंग (Emotional Eating) का शिकार हो जाते हैं। नींद की समस्या: स्लीप एपनिया और इन्सोम्निया (Insomnia) आम हैं, जो मेंटल हेल्थ को और खराब करते हैं। डेली लाइफ पर असर फिजिकल लिमिटेशन्स: ज्यादा वजन उठाने, चलने-फिरने और सीढ़ियां चढ़ने में मुश्किल होती है। प्रोडक्टिविटी में कमी: थकान और नींद की कमी से काम पर ध्यान नहीं लगता। हेल्थ कॉस्ट: डायबिटीज, हाई बीपी, और हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है, जिससे मेडिकल खर्च बढ़ता है। 7. 10 डिटेल्ड FAQs (10 Detailed FAQs) 1. क्या वजन कम करने के लिए सिर्फ डाइटिंग काफी है? नहीं, सिर्फ डाइटिंग से वजन कम नहीं होता। कैलोरी डेफिसिट के साथ-साथ एक्सरसाइज, नींद और तनाव प्रबंधन भी जरूरी है। डाइटिंग से मसल्स कम हो सकती हैं, जबकि एक्सरसाइज मसल्स को बनाए रखती है और मेटाबॉलिज्म बढ़ाती है। 2. क्या रात का खाना छोड़ने से वजन कम होता है? नहीं, रात का खाना छोड़ने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है और अगले दिन ओवरईटिंग हो सकती है। बेहतर है कि हल्का और प्रोटीन-रिच डिनर लें, जैसे ग्रिल्ड चिकन या सलाद। 3. क्या पानी पीने से वजन कम होता है? हां, पानी मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और भूख कम करता है। खाने से पहले 1 गिलास पानी पीने से आप कम खाएंगे। रोज 8-10 गिलास पानी पिएं। 4. क्या हाई प्रोटीन डाइट वजन कम करने में मदद करती है? बिल्कुल! प्रोटीन भूख कम करता है, मसल्स बनाए रखता है, और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है। इंडियन डाइट में दालें, पनीर, अंडे, और सोया शामिल करें। 5. क्या मोटापा जेनेटिक होता है? हां, जेनेटिक्स एक भूमिका निभाते हैं, लेकिन लाइफस्टाइल और डाइट का ज्यादा प्रभाव होता है। अगर परिवार में मोटापा है, तो भी आप हेल्दी आदतों से वजन कंट्रोल कर सकते हैं। 6. क्या सप्लीमेंट्स (Supplements) वजन कम करने में मदद करते हैं? कुछ सप्लीमेंट्स जैसे ग्रीन टी एक्सट्रैक्ट, कैफीन, और फाइबर सप्लीमेंट्स मदद कर सकते हैं, लेकिन ये डाइट और एक्सरसाइज का विकल्प नहीं हैं। डॉक्टर की सलाह के बिना कोई सप्लीमेंट न लें। 7. क्या वजन कम करने के लिए कार्ब्स (Carbs) पूरी तरह छोड़ने चाहिए? नहीं, कार्ब्स शरीर के लिए जरूरी हैं। सिर्फ रिफाइंड कार्ब्स (सफेद चावल, मैदा) छोड़ें और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स (ब्राउन राइस, ओट्स, क्विनोआ) लें। 8. क्या स्ट्रेस वजन बढ़ाता है? हां, तनाव से कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो पेट की चर्बी बढ़ाता है और ओवरईटिंग का कारण बनता है। मेडिटेशन और योग से तनाव कम करें। 9. क्या नींद की कमी से वजन बढ़ता है? जी हां, नींद की कमी से घ्रेलिन (भूख बढ़ाने वाला हार्मोन) बढ़ता है और लेप्टिन (पेट भरने वाला हार्मोन) घटता है। इसलिए 7-8 घंटे की नींद जरूरी है। 10. क्या महिलाओं और पुरुषों के लिए वजन कम करने के तरीके अलग हैं? हां, महिलाओं का मेटाबॉलिज्म धीमा होता है और हार्मोनल बदलाव (जैसे पीरियड्स, प्रेग्नेंसी) वजन को प्रभावित करते हैं। पुरुषों में मसल मास ज्यादा होता है, इसलिए वे तेजी से वजन कम कर सकते हैं। लेकिन मूल सिद्धांत (कैलोरी डेफिसिट, एक्सरसाइज) सभी के लिए समान हैं। मेडिकल डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी डाइट, एक्सरसाइज या दवा को शुरू करने से पहले हमेशा एक योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करें। लेख में दी गई जानकारी के उपयोग से होने वाली किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए लेखक या प्रकाशक जिम्मेदार नहीं होंगे।

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