cyph 4mg tablet - Uses, Price and Side Effects

cyph 4mg tablet: Uses in Hindi (Fayde), Price, Side Effects & Substitutes

No reviews yet
Cyproheptadine (4mg) (Click to see all medicines with same salt)
🏭 Tzana Pharmaceuticals Pvt Ltd 📦 Varies by brand 💊 Allopathy 📅 Updated: Jun 15, 2026
Medically Reviewed
By SaathiMed Expert Medical Panel

What is cyph 4mg tablet used for? (Quick Answer)

🩺 Primary Use:
cyph 4mg tablet (manufactured by Tzana Pharmaceuticals Pvt Ltd) is a highly effective medicine primarily used for the treatment of vitamins minerals nutrients. It helps in relieving symptoms and improving your overall health. Find the complete list of cyph 4mg tablet uses in Hindi, alternatives, price in India, and dosage on SaathiMed below.
🧪 Active Ingredient & Working:
It contains Cyproheptadine (4mg) which works by treating the underlying condition effectively.
⚠️ Safety Warning:
Always consult your doctor before using this medicine, especially to check if it is safe during pregnancy or if you suffer from liver or kidney issues.

🇮🇳 cyph 4mg tablet के बारे में संक्षिप्त जानकारी (Hindi Summary)

cyph 4mg tablet का उपयोग मुख्य रूप से vitamins minerals nutrients और उससे जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। इस दवा में मुख्य सामग्री के रूप में Cyproheptadine (4mg) मौजूद है। इसे डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए, खासकर गर्भावस्था (pregnancy) और लिवर (liver) की समस्याओं में।

मुख्य फायदे (Key Benefits): Detailed medical information is being added to our database.... Read more below.

💡 Did You Know? India has the highest number of USFDA-compliant plants outside the USA.

📋 Drug Information

Generic Name(s)Cyproheptadine (4mg)
Manufacturer / BrandTzana Pharmaceuticals Pvt Ltd
Packaging / FormVaries by brand (Allopathy)
Therapeutic ClassVITAMINS MINERALS NUTRIENTS
Action ClassH1 Antihistaminics (First Generation)
Prescription Required✓ Yes (Schedule H Drug)
StorageRoom temperature (15-30°C), away from moisture
Onset of Action:
30 to 60 minutes
Duration:
6 to 8 hours
Habit Forming:
No (Non-addictive)
Food:
Take after meal

💊 cyph 4mg tablet Uses in Hindi (Ke Fayde), Benefits & Indications

Detailed medical information is being added to our database.

💡 How to Take cyph 4mg tablet (Dosage & Khane ka tarika)

Follow your doctor's prescription exactly.

  • ✅ Take exactly as prescribed by your doctor.
  • ✅ Do not exceed the recommended dose
  • ✅ Complete the full course of medication
  • ✅ Store at room temperature away from moisture

💡 Expert Tips for Best Results

  • Follow the prescription: Always use cyph 4mg tablet exactly as prescribed by your healthcare provider. Do not alter the dosage yourself.
  • Check Expiry: Never consume expired medicines. Always double-check the manufacturing and expiry date on the packaging before use.
  • Storage: Store the medicine in a cool, dry place away from direct sunlight and out of reach of children.
  • Report Side Effects: If you experience severe allergic reactions, swelling, or breathing issues after taking cyph 4mg tablet, seek emergency medical help immediately.
  • Don't self-medicate: Do not share this medicine with others even if their symptoms seem similar to yours.

⚠️ cyph 4mg tablet Side Effects (Nuksan) & Precautions

Common and serious side effects may include:

  • Dizziness
  • Headache

Consult your doctor if you experience any unusual symptoms.

🛑 Myths vs. Facts about cyph 4mg tablet

  • Myth: Generic substitutes of cyph 4mg tablet are less effective.
    Fact: Approved generic medicines contain the exact same active ingredients (Cyproheptadine (4mg)) and are just as safe and effective as the branded version.
  • Myth: Taking a double dose will cure my symptoms faster.
    Fact: Taking more than the prescribed dose of cyph 4mg tablet can lead to severe toxicity or an overdose. Stick strictly to your doctor's dosage.
  • Myth: This medicine is 100% safe for everyone.
    Fact: No medicine is universally safe. Safety depends on your medical history, ongoing medicines, and potential allergies. Always consult a doctor.

💬 Real Patient Experiences (Astitva)

Join Community

Read real stories and discussions from our patient community regarding similar health conditions.

Complete Guide to Diabetes Home Remedies - 30-05-2026

डायबिटीज के घरेलू उपचार: एक विस्तृत और वैज्ञानिक गाइड नमस्ते! आज हम बात करेंगे डायबिटीज (मधुमेह) के बारे में। यह एक ऐसी बीमारी है जो आजकल हर दूसरे घर में देखी जा रही है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सही जानकारी और कुछ आसान घरेलू उपायों से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। यह गाइड आपको डायबिटीज के हर पहलू को समझाएगी - क्यों होती है, कैसे पहचानें, क्या खाएं, और कैसे घर पर ही इसका प्रबंधन करें। यह जानकारी पूरी तरह से विशेषज्ञों द्वारा लिखी गई है, ताकि आप इसे आसानी से समझ सकें और अपने जीवन में लागू कर सकें। 1. गहरा परिचय और रोग तंत्र (Deep Introduction & Disease Mechanism) डायबिटीज एक मेटाबोलिक डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर का ब्लड शुगर (ग्लूकोज) लेवल बहुत ज्यादा हो जाता है। यह ग्लूकोज हमारे खाने से आता है और हमारी कोशिकाओं (cells) को ऊर्जा देने के लिए जरूरी है। लेकिन जब यह प्रक्रिया बिगड़ जाती है, तो डायबिटीज होती है। शरीर के अंदर क्या होता है? इंसुलिन का रोल: हमारा पैंक्रियाज (अग्न्याशय) एक हार्मोन बनाता है जिसे इंसुलिन कहते हैं। इंसुलिन एक चाबी की तरह काम करता है, जो कोशिकाओं के दरवाजे खोलता है ताकि ग्लूकोज अंदर जा सके और ऊर्जा में बदल सके। टाइप 1 डायबिटीज: इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम पैंक्रियाज की इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं पर हमला कर देता है। इसलिए इंसुलिन बनना बंद हो जाता है। यह आमतौर पर बच्चों या युवाओं में होता है। टाइप 2 डायबिटीज: यह सबसे आम प्रकार है (90% से अधिक मामले)। इसमें दो समस्याएं होती हैं: इंसुलिन रेजिस्टेंस: कोशिकाएं इंसुलिन को सही से पहचान नहीं पातीं, यानी चाबी (इंसुलिन) तो है, लेकिन ताला (कोशिका) जाम हो गया है। इंसुलिन की कमी: पैंक्रियाज पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता। गर्भकालीन डायबिटीज (Gestational Diabetes): यह गर्भावस्था के दौरान होता है, जब हार्मोनल बदलावों के कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है। जब ग्लूकोज कोशिकाओं में नहीं जा पाता, तो यह खून में जमा हो जाता है। इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, जो धीरे-धीरे शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाता है - जैसे किडनी, आंखें, नसें, और दिल। 2. सामान्य और दुर्लभ लक्षण (Common AND Rare Symptoms) डायबिटीज के लक्षण हमेशा स्पष्ट नहीं होते। कई लोगों को पता भी नहीं चलता कि उन्हें डायबिटीज है। यहां हम सामान्य और कुछ कम ज्ञात लक्षणों पर चर्चा करेंगे। सामान्य लक्षण (Common Symptoms) बार-बार पेशाब आना (Polyuria): खासकर रात में। किडनी अतिरिक्त ग्लूकोज को बाहर निकालने के लिए ज्यादा पानी खींचती है। अत्यधिक प्यास लगना (Polydipsia): बार-बार पेशाब जाने से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है, जिससे प्यास लगती है। भूख बढ़ना (Polyphagia): कोशिकाओं को ऊर्जा नहीं मिलती, इसलिए शरीर लगातार खाना मांगता है। अचानक वजन कम होना: खासकर टाइप 1 में। शरीर ऊर्जा के लिए फैट और मसल्स को तोड़ने लगता है। थकान और कमजोरी: ग्लूकोज कोशिकाओं में नहीं जा पाता, इसलिए ऊर्जा की कमी होती है। धुंधला दिखना (Blurry Vision): हाई ब्लड शुगर आंखों के लेंस में तरल पदार्थ को प्रभावित करता है। घाव भरने में देरी: हाई शुगर ब्लड सर्कुलेशन और इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है। बार-बार संक्रमण: जैसे यूरिन इंफेक्शन, फंगल इंफेक्शन (खुजली, सफेद पानी)। दुर्लभ या कम ज्ञात लक्षण (Rare Symptoms) पैरों में जलन या झनझनाहट (Tingling/Burning in feet): यह नर्व डैमेज (न्यूरोपैथी) का संकेत है। "पैर में सुई चुभने जैसा" या "सुन्न होना" महसूस हो सकता है। त्वचा में काले धब्बे (Acanthosis Nigricans): गर्दन, बगल, या जांघों के बीच मखमली, काले धब्बे। यह इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत है। बार-बार मसूड़ों में सूजन या संक्रमण: डायबिटीज मसूड़ों की बीमारी (गम डिजीज) का खतरा बढ़ाता है। यौन समस्याएं: पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन, महिलाओं में योनि का सूखापन या बार-बार इंफेक्शन। हाथों या उंगलियों में अकड़न (Stiff Hand Syndrome): डायबिटिक चेरोआर्थ्रोपैथी के कारण उंगलियां मुड़ने में कठिनाई। सुनने की क्षमता में कमी: हाई ब्लड शुगर आंतरिक कान की नसों को नुकसान पहुंचा सकता है। 3. विस्तृत डाइट प्लान (Detailed Diet Plan - Exactly Kya Khaye and Kya Na Khaye) डायबिटीज में डाइट सबसे अहम भूमिका निभाती है। सही खाना ब्लड शुगर को कंट्रोल कर सकता है। यहां भारतीय खाने पर आधारित एक संपूर्ण गाइड है। क्या खाएं (Kya Khaye) - बेहतरीन विकल्प साबुत अनाज (Whole Grains): गेहूं की रोटी, ब्राउन राइस, ज्वार, बाजरा, रागी (मडुआ)। इनमें फाइबर ज्यादा होता है, जो शुगर को धीरे-धीरे रिलीज करता है। दालें और फलियां: मूंग दाल, चना, राजमा, सोयाबीन। ये प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां: पालक, मेथी, सरसों का साग, ब्रोकली। ये कैलोरी में कम और पोषक तत्वों में भरपूर हैं। अन्य सब्जियां: करेला, लौकी, तोरई, परवल, भिंडी, फूलगोभी, पत्ता गोभी। करेला खासतौर पर फायदेमंद है। फल (सीमित मात्रा में): जामुन, सेब, नाशपाती, संतरा, अमरूद, किवी। आम, अंगूर, केला, और चीकू से परहेज करें या बहुत कम खाएं। डेयरी प्रोडक्ट्स: दही (बिना मीठा), छाछ, पनीर (कम फैट), दूध (स्किम्ड या टोंड)। नट्स और बीज: बादाम, अखरोट, पिस्ता, अलसी के बीज, चिया सीड्स। ये हेल्दी फैट और प्रोटीन देते हैं। तेल और फैट: सरसों का तेल, जैतून का तेल, नारियल तेल (सीमित मात्रा में)। घी का सेवन 1-2 चम्मच प्रतिदिन कर सकते हैं। क्या न खाएं (Kya Na Khaye) - परहेज करें रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट: सफेद चावल, मैदा (नूडल्स, ब्रेड, पास्ता, समोसा), सफेद आटा। मीठा और चीनी: चीनी, शहद, गुड़, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक, पैक्ड जूस, आइसक्रीम, केक, पेस्ट्री। तला-भुना और जंक फूड: फ्रेंच फ्राइज, चिप्स, पकौड़े, बर्गर, पिज्जा। फैटी और प्रोसेस्ड मीट: बेकन, सॉसेज, रेड मीट (ज्यादा मात्रा में)। फलों का जूस: भले ही बिना चीनी का हो, जूस में फाइबर नहीं होता और शुगर तेजी से बढ़ती है। अल्कोहल और स्मोकिंग: ये ब्लड शुगर को अनियंत्रित करते हैं और जटिलताओं को बढ़ाते हैं। एक दिन का नमूना डाइट प्लान (Sample Diet Plan) सुबह (6:00 AM): गुनगुने पानी में नींबू और मेथी दाना (रात भर भिगोया हुआ) पिएं। नाश्ता (8:00 AM): 2 मूंग दाल का चीला (बिना तेल) + 1 कटोरी दही। या 1 कटोरी दलिया/पोहा (सब्जियों के साथ)। मिड-मॉर्निंग (10:30 AM): 1 सेब या 1 मुट्ठी बादाम। दोपहर का खाना (1:00 PM): 2 बाजरे की रोटी + 1 कटोरी करेला सब्जी + 1 कटोरी मूंग दाल + सलाद (खीरा, टमाटर, प्याज)। शाम का नाश्ता (4:30 PM): 1 कप ग्रीन टी + 2-3 भुने चने या मखाने। रात का खाना (7:30 PM): 1 कटोरी ब्राउन राइस/ज्वार की रोटी + 1 कटोरी लौकी की सब्जी + 1 कटोरी छाछ। सोने से पहले (9:30 PM): 1 गिलास गुनगुना दूध (हल्दी के साथ, बिना चीनी)। 4. चिकित्सा प्रबंधन (Medical Management - Educational Only) डायबिटीज का इलाज डॉक्टर की देखरेख में ही करना चाहिए। यहां हम आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली दवाओं के बारे में शैक्षिक जानकारी दे रहे हैं। कृपया खुद से दवा न लें। टाइप 1 डायबिटीज के लिए इंसुलिन थेरेपी: यह जरूरी है। इंसुलिन को इंजेक्शन या पंप के जरिए दिया जाता है। कई प्रकार हैं: रैपिड-एक्टिंग इंसुलिन: खाने से पहले लगाया जाता है, 15 मिनट में काम शुरू करता है। लॉन्ग-एक्टिंग इंसुलिन: दिन भर बेसल लेवल बनाए रखता है। टाइप 2 डायबिटीज के लिए मेटफॉर्मिन (Metformin): पहली पसंद की दवा। यह लीवर में ग्लूकोज उत्पादन कम करता है और इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाता है। सल्फोनिलयूरिया (Sulfonylureas): जैसे ग्लाइबेंक्लामाइड, ग्लिपिजाइड। ये पैंक्रियाज से ज्यादा इंसुलिन निकालते हैं। DPP-4 इन्हिबिटर्स: जैसे सीताग्लिप्टिन। ये इंक्रीटिन हार्मोन को बढ़ाते हैं, जो इंसुलिन स्राव को बढ़ाता है। SGLT2 इन्हिबिटर्स: जैसे डापाग्लिफ्लोजिन। ये किडनी के जरिए यूरिन में ग्लूकोज बाहर निकालते हैं। GLP-1 एगोनिस्ट: जैसे लिराग्लूटाइड। ये इंजेक्शन हैं, जो इंसुलिन बढ़ाते हैं और भूख कम करते हैं। महत्वपूर्ण: ये दवाएं डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही लें। साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जैसे मेटफॉर्मिन से पेट खराब होना। डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार दवाओं का मिश्रण तय करेंगे। 5. सिद्ध घरेलू उपचार और जीवनशैली में बदलाव (Proven Home Remedies & Lifestyle Changes) ये घरेलू उपाय वैज्ञानिक रूप से समर्थित हैं और दवाओं के साथ मिलकर काम कर सकते हैं। लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना दवाएं बंद न करें। प्रभावी घरेलू उपाय मेथी दाना (Fenugreek Seeds): रात भर 1 चम्मच मेथी दाना पानी में भिगो दें। सुबह खाली पेट पानी समेत चबाकर खाएं। इसमें फाइबर और गैलेक्टोमैनन होता है, जो शुगर अब्जॉर्प्शन को धीमा करता है। करेला (Bitter Gourd): करेले का जूस रोज सुबह खाली पेट पिएं (1/4 कप, पानी मिलाकर)। इसमें पॉलीपेप्टाइड-पी होता है, जो इंसुलिन जैसा काम करता है। जामुन (Indian Blackberry): जामुन के बीजों को पीसकर पाउडर बनाएं। 1/2 चम्मच पाउडर पानी के साथ दिन में दो बार लें। जामुन में जाम्बोलिन होता है, जो शुगर को फैट में बदलने से रोकता है। दालचीनी (Cinnamon): 1/2 चम्मच दालचीनी पाउडर गुनगुने पानी या ग्रीन टी में मिलाकर पिएं। यह इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाता है और ब्लड शुगर कम करता है। एलोवेरा (Aloe Vera): एलोवेरा जेल (2 बड़े चम्मच) रोज सुबह लें। यह पैंक्रियाज की बीटा कोशिकाओं की रक्षा करता है और शुगर कम करता है। हल्दी (Turmeric): 1 चुटकी हल्दी गुनगुने दूध में मिलाकर रात को पिएं। इसमें करक्यूमिन होता है, जो सूजन कम करता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस सुधारता है। जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes) नियमित व्यायाम: रोज कम से कम 30 मिनट की एक्सरसाइज करें। तेज चलना, जॉगिंग, साइकिलिंग, या योगा बहुत फायदेमंद है। व्यायाम मसल्स को ग्लूकोज का उपयोग करने में मदद करता है और इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाता है। वजन कम करें: अगर आपका वजन ज्यादा है, तो 5-10% वजन कम करने से ब्लड शुगर में बड़ा सुधार हो सकता है। पर्याप्त नींद: रोज 7-8 घंटे की नींद लें। नींद की कमी से तनाव हार्मोन बढ़ता है, जो शुगर लेवल को बढ़ाता है। तनाव प्रबंधन: मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग, या अपनी पसंद का शौक अपनाएं। तनाव से कोर्टिसोल बढ़ता है, जो ब्लड शुगर को बढ़ाता है। पानी पिएं: दिन भर में 8-10 गिलास पानी पिएं। यह किडनी को ग्लूकोज बाहर निकालने में मदद करता है। 6. मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर प्रभाव (Impact on Mental Health and Daily Life) डायबिटीज सिर्फ एक शारीरिक बीमारी नहीं है, बल्कि यह मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी गहराई से प्रभावित करती है। मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डायबिटीज डिस्ट्रेस (Diabetes Distress): लगातार ब्लड शुगर चेक करना, दवाएं लेना, और डाइट का ध्यान रखना थकाने वाला हो सकता है। इससे चिड़चिड़ापन, निराशा, और अकेलापन महसूस हो सकता है। डिप्रेशन और चिंता: डायबिटीज के मरीजों में डिप्रेशन का खतरा 2-3 गुना ज्यादा होता है। बीमारी का डर, जटिलताओं का भय, और जीवनशैली में बदलाव से चिंता बढ़ सकती है। हाइपोग्लाइसीमिया का डर: ब्लड शुगर अचानक कम होने (हाइपो) का डर लोगों को सामाजिक गतिविधियों से दूर कर सकता है। दैनिक जीवन पर प्रभाव खाने-पीने में सावधानी: हर बार खाने से पहले सोचना पड़ता है कि क्या खाएं। पार्टियों या शादियों में मुश्किल हो सकती है। नियमित चेकअप: ब्लड शुगर मॉनिटरिंग, डॉक्टर के पास जाना, और दवाओं का समय पर सेवन जरूरी है। थकान और कमजोरी: ब्लड शुगर अनियंत्रित होने पर दिनभर थकान महसूस हो सकती है, जिससे काम और पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है। आर्थिक बोझ: दवाएं, टेस्ट स्ट्रिप्स, और डॉक्टर की फीस एक बड़ा खर्च हो सकता है। समाधान: परिवार और दोस्तों से बात करें, सपोर्ट ग्रुप जॉइन करें, और मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल की मदद लें। याद रखें, आप अकेले नहीं हैं। 7. 10 विस्तृत FAQ (Frequently Asked Questions) यहां वे सवाल हैं जो लोग अक्सर गूगल पर सर्च करते हैं, उनके विस्तृत जवाब के साथ। 1. क्या डायबिटीज का कोई स्थायी इलाज है? नहीं, डायबिटीज (खासकर टाइप 1 और टाइप 2) का कोई स्थायी इलाज नहीं है। लेकिन इसे अच्छी तरह से कंट्रोल किया जा सकता है। टाइप 2 डायबिटीज के कुछ मामलों में, वजन कम करने और जीवनशैली में बदलाव से बिना दवा के भी ब्लड शुगर नॉर्मल रह सकता है (रिमिशन)। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बीमारी खत्म हो गई; इसे अब भी मॉनिटर करना जरूरी है। 2. क्या डायबिटीज में आम खाना चाहिए? आम में नेचुरल शुगर (फ्रुक्टोज) होती है, लेकिन इसमें फाइबर भी होता है। अगर आपका ब्लड शुगर कंट्रोल में है, तो आप सीमित मात्रा में (1 छोटा आम या 2-3 स्लाइस) खा सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें: आम खाने के बाद अपना ब्लड शुगर चेक करें और उस दिन अन्य मीठी चीजों से परहेज करें। बेहतर होगा कि आम को दोपहर के खाने के बाद खाएं, रात में नहीं। 3. क्या डायबिटीज के मरीज शहद खा सकते हैं? शहद में चीनी से थोड़ा कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, लेकिन इसमें अभी भी बहुत अधिक फ्रुक्टोज और ग्लूकोज होता है। यह ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को शहद से बचना चाहिए या बहुत ही सीमित मात्रा में (1/2 चम्मच) डॉक्टर की सलाह पर लेना चाहिए। 4. क्या डायबिटीज में पैरों में सूजन (Edema) होती है? हां, यह संभव है। पैरों में सूजन डायबिटीज की जटिलताओं का संकेत हो सकती है, जैसे किडनी की बीमारी (नेफ्रोपैथी) या दिल की समस्या। हाई ब्लड शुगर से किडनी फिल्टर करने की क्षमता खो सकती है, जिससे शरीर में पानी जमा हो जाता है। अगर पैरों में सूजन है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। 5. क्या ड

Bhai, relatives ka ghar ka nuskha aur acne ka frustration—kya karein? Koi dermatologist-approved product batao pls!

Bhai seriously ab bohot frustration ho raha hai. Kal mausi aayi thi ghar pe, aur bas face dekh ke bolne lagi "Oh beta yeh kya ho gaya? Itne bade pimple! Doodh me haldi aur besan laga kar raat ko laga lo." Like... ma'am I have tried every kitchen remedy since 10th standard. Nothing works. Mera acne cystic hai, dermatologist ne bhi kaha hai ki yeh hormonal hai, but relatives ko toh bas wahi ghar ke nuskhe bataane hain. Or sabse funny part yeh hai ki woh bolegi "Beta filter laga ke photo daalti ho na? Face toh dikhao asli." Hello?? Obviously main filter laga ke daalungi, face pe itne daag hai ki confidence hi nahi aata selfie lene ka. Pimple popping ki aadat bhi hai mujhe, I can't stop. Daag aur badh gaye hain. 🥲 Koi hai jo same situation me ho? Ya koi skincare product suggest karo jo acne ke daag kam kare? Please no home remedies, bas kuch dermatologist-approved batao. 🙏

Mass gainer ne jaan le li! 😭 Ab kya safe protein lein? College student budget me batao.

Yaar ek cheez batao... main seriously fed up ho gaya hu. Aaj dost ne fir kaha "oye hanger, khaana nahi khata kya tu?" 😭 Maine toh bohot try kiya hai gain karne ka. Pehle mass gainer powder liya tha, lekin 2 hafte me liver enzymes high ho gaye, doctor ne turant band kar diya. Ab kya karun? Ghar ka khana toh roz khaata hu - paratha, chawal, dal, sabzi. Doodh bhi peeta hu. Phir bhi weight 48 pe atka hua hai. Gym jata hu lekin waha log kehte hai "pehle weight badhao, phir aao." Koi natural remedy ya safe supplement suggest karo jo budget friendly ho. College student hu, zyada mehnga nahi afford kar sakta. Aaj subah utha toh thoda dizzy feeling aaya. Maa ne dekha toh chinta kar rahi hai. Koi genuine advice dedo bhai. Bas kuch kg muscle gain karna hai, body banani hai. Protein powder bhi soch raha hu, but previous experience se dar lag raha hai. 🥲

Browse SaathiMed's Medicines A-Z

Search our extensive medical database alphabetically to find uses, price, composition, and side effects.

A B C D E F G H I J K L M N O P Q R S T U V W X Y Z
Back to Medicines Directory
SaathiMed App
SaathiMed App Consult doctors & order medicines faster
Install