azita 500mg tablet - Uses, Price and Side Effects

azita 500mg tablet: Uses, Price & Side Effects

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Azithromycin (500mg) (Click to see all medicines with same salt)
🏭 Zota Health care Ltd 📦 Varies by brand 💊 Allopathy 📅 Updated: Jun 13, 2026
Medically Reviewed
By SaathiMed Expert Medical Panel

What is azita 500mg tablet used for? (Quick Answer)

🩺 Primary Use:
azita 500mg tablet is primarily used for the treatment of anti infectives.
🧪 Active Ingredient & Working:
It contains Azithromycin (500mg) which works by treating the underlying condition effectively.
⚠️ Safety Warning:
Always consult your doctor before using this medicine, especially to check if it is safe during pregnancy or if you suffer from liver or kidney issues.
💡 Did You Know? India has the highest number of USFDA-compliant plants outside the USA.

📋 Drug Information

Generic Name(s)Azithromycin (500mg)
Manufacturer / BrandZota Health care Ltd
Packaging / FormVaries by brand (Allopathy)
Therapeutic ClassANTI INFECTIVES
Action ClassMacrolides
Prescription Required✓ Yes (Schedule H Drug)
StorageRoom temperature (15-30°C), away from moisture

💊 azita 500mg tablet Uses in Hindi & English (Ke Fayde)

Detailed medical information is being added to our database.

💡 How to Take azita 500mg tablet (Khane ka tarika)

Follow your doctor's prescription exactly.

  • ✅ Take exactly as prescribed by your doctor.
  • ✅ Do not exceed the recommended dose
  • ✅ Complete the full course of medication
  • ✅ Store at room temperature away from moisture

⚠️ Side Effects of azita 500mg tablet (Nuksan)

Common and serious side effects may include:

  • Vomiting
  • Nausea
  • Abdominal pain
  • Diarrhea

Consult your doctor if you experience any unusual symptoms.

📖 Patient Counseling & Warnings

  • 🔹 Do not stop suddenly without consulting your doctor
  • 🔹 Inform your doctor about all other medications you're taking
  • 🔹 Avoid alcohol while taking this medication
  • 🔹 If you miss a dose, take it as soon as you remember
  • 🔹 Seek immediate medical help if you experience severe allergic reactions

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Yaar serum ne muh jalaya! 😭 Acne ka ilaaz ya chemical burn?

Yaar mera dil toot gaya 😭 Maine socha salicylic acid serum try karun, sab log kehte hai acne ke liye best hai. 2 din pehle pharmacy se ek local brand ka serum liya. First night lagaaya toh thoda tingling hua, socha normal hai. But subah uthi toh muh jal raha hai literally! Cheeks pe redness, aur jo zits the woh aur zyada inflame ho gaye. Filter bhi nahi laga sakti ab, skin pe peeling ho rahi hai 😩. Mummy ne dekha toh bola "Beta besan lagao, yeh chemicals kharab kar denge". Aur aunty ne nimbu + malai suggest kiya. That's the last thing I need rn. Koi batao, iska matlab hai ki serum mujhe suit nahi karta? Ya maine zyada quantity laga li? Kya main moisturizer pehle apply karun? Please help. College reopen ho rahe hain aur face ki yeh halat hai. 😭

Bahut se log mujhe perfect samajhte hain, par andar se kuch nahi ho raha! Kya ye high functioning depression hai?

Aaj subah uthi toh mann kiya hi nahi. Par fir socha, ghar mein koi nahi hai jo dekhe ki main kya kar rahi hoon. Toh maine normal face bana ke chai banayi, sabzi kaat di, phone pe kisi ko "good morning" ka message bhej diya. Sabko lagta hai ki main theek hoon. Lekin andar se kuch nahi ho raha. Aaj ek naya term pata chala - "high functioning depression". Mera toh poora din ka routine dekho - ghar saaf hai, khana banta hai, phone calls bhi hote hain. Par aisi lagta hai jaise main apni zindagi ka robot ban gayi hoon. Koi emotional connect nahi hai kisi cheez se. Bas mechanical ho gayi hoon. Kya aap logon ko bhi aisa lagta hai? Ki bahar se sab perfect dikhta hai par andar se kuch nahi hai? Main toh sochti hoon ki kya ye normal hai ya mujhe kuch karna chahiye? Koi remedy bataye jo actually kaam kare, na ki woh "positive socho" wali bakwas.

Complete Guide to Iron Deficiency Anemia - 26-05-2026

आयरन की कमी से एनीमिया (Iron Deficiency Anemia) – एक संपूर्ण गाइड क्या आपको हमेशा थकान महसूस होती है? क्या आपकी स्किन पीली पड़ गई है या सांस लेने में तकलीफ होती है? ये आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया (Iron Deficiency Anemia) के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जहां आपके शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए पर्याप्त आयरन नहीं होता। भारत में हर 3 में से 1 महिला और बच्चा इस समस्या से जूझता है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं – सही जानकारी, डाइट और इलाज से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। आइए, इस गाइड में हर छोटी-बड़ी बात को समझते हैं। 1. गहरा परिचय और रोग तंत्र (Deep Introduction & Disease Mechanism) आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया क्या है? एनीमिया का मतलब है खून में लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) या हीमोग्लोबिन की कमी। आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया तब होता है जब शरीर में आयरन की कमी के कारण हीमोग्लोबिन ठीक से नहीं बन पाता। हीमोग्लोबिन एक प्रोटीन है जो फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर पूरे शरीर (दिमाग, मसल्स, हार्ट) तक पहुंचाता है। जब आयरन कम होता है, तो हीमोग्लोबिन का उत्पादन घट जाता है, और शरीर के ऊतकों (tissues) को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती। शरीर में कैसे होता है यह प्रोसेस? आयरन का स्टोर: हमारा शरीर आयरन को फेरिटिन (Ferritin) के रूप में लिवर, स्प्लीन और बोन मैरो में स्टोर करता है। हीमोग्लोबिन बनना: बोन मैरो में RBCs बनती हैं। इनके बीच में हीमोग्लोबिन होता है, जिसमें आयरन (हेम आयरन) होता है। जब आयरन कम हो: शरीर पहले स्टोर किए गए फेरिटिन का उपयोग करता है। जब स्टोर खत्म हो जाते हैं, तो बोन मैरो छोटी और पीली RBCs बनाने लगता है। इनमें कम हीमोग्लोबिन होता है, जिससे ऑक्सीजन ट्रांसपोर्ट कम हो जाता है। परिणाम: हार्ट को ज्यादा पंप करना पड़ता है, दिमाग को कम ऑक्सीजन मिलती है, और मसल्स कमजोर हो जाती हैं। आयरन की कमी के कारण (Causes) खून की कमी (Blood Loss): भारी पीरियड्स (मेंस्ट्रुएशन), पेट के अल्सर, बवासीर (Piles), या कैंसर के कारण खून का रिसाव। डाइट में कमी: शाकाहारी भोजन में आयरन की कमी, या विटामिन C की कमी से आयरन अब्जॉर्ब न होना। अब्जॉर्प्शन में समस्या: सीलिएक डिजीज, गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी, या पेट में एसिड की कमी। बढ़ी हुई जरूरत: प्रेग्नेंसी, ब्रेस्टफीडिंग, तेजी से बढ़ते बच्चे, या एथलीट्स में। 2. सामान्य और दुर्लभ लक्षण (Common & Rare Symptoms) सामान्य लक्षण (Common Symptoms) थकान और कमजोरी: सुबह उठते ही थकान महसूस होना, दिनभर सुस्ती छाई रहना। पीली त्वचा (Pale Skin): चेहरा, हथेलियां, और नाखून पीले या सफेद दिखना। सांस फूलना (Shortness of Breath): सीढ़ियां चढ़ते या हल्का काम करते ही सांस फूलने लगना। चक्कर आना और सिरदर्द: बार-बार चक्कर आना, आंखों के सामने अंधेरा छा जाना। हाथ-पैर ठंडे रहना: गर्मी में भी हाथ-पैर बर्फ जैसे ठंडे रहना। दिल की धड़कन तेज होना (Palpitations): दिल तेजी से धड़कना या अनियमित धड़कन महसूस होना। दुर्लभ लक्षण (Rare Symptoms) पैरों में बेचैनी (Restless Legs Syndrome): रात को सोते समय पैरों में खिंचाव या हिलाने की इच्छा होना। नाखूनों का चम्मच जैसा होना (Koilonychia): नाखून पतले, कमजोर और बीच से धंसे हुए हो जाना। मुंह के कोनों में दरारें (Angular Cheilitis): होंठों के कोनों पर दर्दनाक दरारें या छाले। जीभ में सूजन (Glossitis): जीभ लाल, चिकनी और दर्दनाक हो जाना। खाने की अजीब चीजें खाना (Pica): बर्फ, मिट्टी, चाक, या कागज खाने की इच्छा होना। यह आयरन की कमी का एक क्लासिक संकेत है। बालों का झड़ना: आयरन की कमी से हेयर फॉलिकल्स कमजोर हो जाते हैं। 3. विस्तृत डाइट प्लान (Detailed Diet Plan) क्या खाएं (What to Eat) – आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ नॉन-वेज स्रोत (Heme Iron – ज्यादा अब्जॉर्ब होता है) लाल मांस (Red Meat): मटन, बीफ – इनमें हीम आयरन होता है जो शरीर आसानी से सोख लेता है। हफ्ते में 2-3 बार खाएं। चिकन और मछली: चिकन लिवर (कलेजी) सबसे अच्छा स्रोत है। मछली जैसे सार्डिन, टूना भी फायदेमंद। अंडे: खासकर जर्दी (योक) में आयरन होता है। शाकाहारी स्रोत (Non-Heme Iron – विटामिन C के साथ लें) हरी पत्तेदार सब्जियां: पालक (Spinach), मेथी (Fenugreek), सरसों का साग (Mustard Greens), बथुआ। दालें और बीन्स: मसूर (Red Lentils), चना (Chickpeas), राजमा (Kidney Beans), सोयाबीन (Soybeans)। सूखे मेवे और बीज: किशमिश (Raisins), खजूर (Dates), बादाम, कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds), तिल (Sesame Seeds)। अनाज: बाजरा (Millet), ज्वार (Sorghum), ओट्स (Oats), क्विनोआ (Quinoa)। गुड़ (Jaggery): एक चम्मच गुड़ में अच्छी मात्रा में आयरन होता है। आंवला (Indian Gooseberry): विटामिन C का बेहतरीन स्रोत, जो आयरन अब्जॉर्प्शन बढ़ाता है। क्या न खाएं (What to Avoid) – आयरन अब्जॉर्प्शन को कम करने वाली चीजें चाय और कॉफी: इनमें टैनिन (Tannins) होता है जो आयरन के अब्जॉर्प्शन को 50-60% तक कम कर सकता है। खाने के तुरंत बाद न पिएं। दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स: कैल्शियम आयरन के अब्जॉर्प्शन को रोकता है। आयरन सप्लीमेंट लेने के 2 घंटे बाद ही दूध पिएं। फाइबर ज्यादा वाले फूड: चोकर (Bran), साबुत अनाज (Whole Grains) ज्यादा मात्रा में खाने से आयरन कम अब्जॉर्ब होता है। एंटी-न्यूट्रिएंट्स: पालक और बीन्स में ऑक्सालेट्स (Oxalates) और फाइटेट्स (Phytates) होते हैं, जो आयरन को बांध लेते हैं। इन्हें पकाकर या भिगोकर खाने से असर कम होता है। डाइट टिप्स (Diet Tips) विटामिन C के साथ लें: आयरन वाली चीजों के साथ संतरा, नींबू, आंवला, टमाटर, या शिमला मिर्च खाएं। जैसे, पालक की सब्जी में नींबू निचोड़ें। आयरन फोर्टिफाइड फूड: बाजार में आयरन फोर्टिफाइड आटा, चावल, या नमक मिलता है। इसे इस्तेमाल करें। लोहे की कढ़ाई में पकाएं: पुराने जमाने की तरह लोहे की कढ़ाई (Iron Kadhai) में खाना पकाने से खाने में आयरन की मात्रा बढ़ जाती है। 4. चिकित्सा प्रबंधन (Medical Management) ध्यान दें: यह केवल शैक्षणिक जानकारी है। कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। आयरन सप्लीमेंट्स (Iron Supplements) फेरस सल्फेट (Ferrous Sulfate): सबसे आम और सस्ता। इसमें 20% एलिमेंटल आयरन होता है। फेरस फ्यूमरेट (Ferrous Fumarate): इसमें 33% आयरन होता है, ज्यादा प्रभावी। फेरस ग्लूकोनेट (Ferrous Gluconate): कम साइड इफेक्ट्स, लेकिन कम आयरन कंटेंट। आयरन साइट्रेट (Iron Citrate): पेट पर हल्का, लेकिन महंगा। ये दवाएं कैसे काम करती हैं? ये सप्लीमेंट्स शरीर में आयरन के स्टोर को फिर से भरते हैं। बोन मैरो को हीमोग्लोबिन बनाने के लिए कच्चा माल मिलता है। आमतौर पर 2-3 हफ्तों में हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ना शुरू हो जाता है, लेकिन पूरी तरह ठीक होने में 2-4 महीने लग सकते हैं। साइड इफेक्ट्स (Side Effects) कब्ज (Constipation) या दस्त (Diarrhea) पेट में दर्द या मतली मल का काला होना (Black Stool) – यह सामान्य है दांतों पर दाग – तरल सप्लीमेंट को स्ट्रॉ से पिएं गंभीर मामलों में (Severe Cases) इंट्रावेनस आयरन (IV Iron): जब मौखिक सप्लीमेंट्स काम न करें, या बहुत ज्यादा खून की कमी हो। इसे अस्पताल में ड्रिप के जरिए दिया जाता है। खून चढ़ाना (Blood Transfusion): अगर हीमोग्लोबिन बहुत कम हो (7 g/dL से नीचे) और जान को खतरा हो। 5. सिद्ध घरेलू उपचार और जीवनशैली में बदलाव (Proven Home Remedies & Lifestyle Changes) घरेलू उपचार (Home Remedies) चुकंदर (Beetroot) का जूस: चुकंदर में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन C होता है। रोज सुबह एक गिलास चुकंदर और गाजर का जूस पिएं। पालक और आंवला का सूप: पालक को पकाकर उसमें आंवला पाउडर मिलाएं। यह आयरन और विटामिन C का कॉम्बो है। तिल और गुड़ के लड्डू: तिल में आयरन और कैल्शियम दोनों होते हैं। गुड़ के साथ लड्डू बनाकर खाएं। काली किशमिश (Black Raisins): रात को पानी में भिगो दें, सुबह खाली पेट खाएं और पानी पिएं। हल्दी और शहद: एक चम्मच हल्दी में शहद मिलाकर खाएं। हल्दी में आयरन होता है और यह खून को साफ करती है। जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes) नियमित व्यायाम: हल्की वॉक, योग, या स्ट्रेचिंग करें। इससे बोन मैरो में RBCs का उत्पादन बढ़ता है। पर्याप्त नींद: रोज 7-8 घंटे की नींद लें। नींद के दौरान शरीर खून की मरम्मत करता है। तनाव कम करें: मेडिटेशन या डीप ब्रीदिंग करें। तनाव से शरीर में कॉर्टिसोल बढ़ता है, जो आयरन अब्जॉर्प्शन को कम करता है। धूम्रपान और शराब छोड़ें: सिगरेट से खून में कार्बन मोनोऑक्साइड बढ़ता है, जो ऑक्सीजन ट्रांसपोर्ट को बाधित करता है। शराब से लिवर खराब होता है और आयरन स्टोर कम होता है। 6. मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर प्रभाव (Impact on Mental Health & Daily Life) मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डिप्रेशन और चिंता: दिमाग को कम ऑक्सीजन मिलने से सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर कम बनते हैं। इससे उदासी, चिड़चिड़ापन और बिना वजह की चिंता हो सकती है। ध्यान केंद्रित करने में समस्या (Brain Fog): काम पर फोकस न कर पाना, चीजें भूल जाना, या पढ़ाई में मन न लगना। नींद की समस्या: रात को बार-बार जागना या अनिद्रा (Insomnia)। दैनिक जीवन पर प्रभाव काम पर असर: ऑफिस में प्रोडक्टिविटी कम होना, बार-बार छुट्टी लेना। रिश्तों पर असर: थकान और चिड़चिड़ापन के कारण परिवार और दोस्तों से दूरी बनना। शारीरिक गतिविधियां: सीढ़ियां चढ़ना, बाजार जाना या बच्चों के साथ खेलना मुश्किल हो जाता है। 7. 10 विस्तृत अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (10 Detailed FAQs) 1. क्या आयरन की कमी से एनीमिया पूरी तरह ठीक हो सकता है? हां, अगर सही कारण का पता लगाकर इलाज किया जाए (जैसे डाइट में सुधार, सप्लीमेंट्स, या खून की कमी को रोकना), तो यह पूरी तरह ठीक हो सकता है। लेकिन इसमें 3-6 महीने लग सकते हैं। 2. क्या शाकाहारी लोगों को ज्यादा खतरा है? हां, क्योंकि पौधों में मौजूद नॉन-हीम आयरन शरीर कम अब्जॉर्ब करता है। लेकिन विटामिन C (जैसे नींबू, आंवला) के साथ लेने से अब्जॉर्प्शन बढ़ सकता है। 3. प्रेग्नेंसी में आयरन की कमी कितनी आम है? बहुत आम। गर्भावस्था में खून की मात्रा 50% तक बढ़ जाती है, इसलिए आयरन की जरूरत दोगुनी हो जाती है। डॉक्टर आमतौर पर प्रेग्नेंसी में आयरन सप्लीमेंट्स लिखते हैं। 4. क्या चाय पीने से एनीमिया हो सकता है? चाय में टैनिन होता है जो आयरन के अब्जॉर्प्शन को कम करता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप चाय बिल्कुल न पिएं। बस खाने के तुरंत बाद न पिएं। खाने के 1 घंटे बाद चाय पी सकते हैं। 5. क्या बाल झड़ना आयरन की कमी का संकेत है? हां, आयरन की कमी से हेयर फॉलिकल्स कमजोर हो जाते हैं, जिससे बाल झड़ने लगते हैं। अगर आपके बाल बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं, तो हीमोग्लोबिन और फेरिटिन टेस्ट कराएं। 6. क्या आयरन सप्लीमेंट्स से कब्ज होता है? इससे कैसे बचें? हां, कब्ज एक आम साइड इफेक्ट है। इससे बचने के लिए सप्लीमेंट के साथ खूब पानी पिएं, फाइबर युक्त फूड (जैसे फल, सब्जियां) खाएं, और डॉक्टर से पूछकर सप्लीमेंट का प्रकार बदल सकते हैं (जैसे फेरस ग्लूकोनेट)। 7. क्या एनीमिया से दिल की बीमारी हो सकती है? लंबे समय तक अनुपचारित एनीमिया से हार्ट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे हार्ट फेलियर या अतालता (Arrhythmia) का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए समय पर इलाज जरूरी है। 8. क्या बच्चों में आयरन की कमी के लक्षण अलग होते हैं? हां, बच्चों में थकान के अलावा, विकास में देरी (Growth Delay), भूख न लगना, बार-बार बीमार पड़ना, और पढ़ाई में कमजोरी हो सकती है। कुछ बच्चे बर्फ या मिट्टी खाने लगते हैं (Pica)। 9. क्या आयरन की कमी से वजन बढ़ता है? सीधे तौर पर नहीं, लेकिन थकान और कमजोरी के कारण एक्सरसाइज कम हो जाती है, जिससे वजन बढ़ सकता है। साथ ही, कुछ लोगों में मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। 10. क्या एनीमिया के लिए ब्लड ट्रांसफ्यूजन जरूरी है? ज्यादातर मामलों में नहीं। ब्लड ट्रांसफ्यूजन केवल तभी किया जाता है जब हीमोग्लोबिन बहुत कम हो (7 g/dL से नीचे) या जान को खतरा हो। सामान्य मामलों में सिर्फ आयरन सप्लीमेंट्स और डाइट से काम चल जाता है। मेडिकल डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य स्वास्थ्य पेशेवर से परामर्श लें। स्व-दवा या डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी सप्लीमेंट न लें।

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