arina-d tablet - Uses, Price and Side Effects

arina-d tablet: Uses, Price & Side Effects

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🏭 Integral Lifesciences 📦 Varies by brand 💊 Allopathy 📅 Updated: Jun 13, 2026
Medically Reviewed
By SaathiMed Expert Medical Panel

What is arina-d tablet used for? (Quick Answer)

🩺 Primary Use:
arina-d tablet is primarily used for the treatment of gastro intestinal.
🧪 Active Ingredient & Working:
It contains Domperidone (15mg) + Cinnarizine (20mg) which works by treating the underlying condition effectively.
⚠️ Safety Warning:
Always consult your doctor before using this medicine, especially to check if it is safe during pregnancy or if you suffer from liver or kidney issues.
💡 Did You Know? The first generic medicine was introduced in India in 1970 after the Patents Act was amended.

📋 Drug Information

Generic Name(s)Domperidone (15mg) + Cinnarizine (20mg)
Manufacturer / BrandIntegral Lifesciences
Packaging / FormVaries by brand (Allopathy)
Therapeutic ClassGASTRO INTESTINAL
Action Class
Prescription Required✓ Yes (Schedule H Drug)
StorageRoom temperature (15-30°C), away from moisture

💊 arina-d tablet Uses in Hindi & English (Ke Fayde)

Detailed medical information is being added to our database.

💡 How to Take arina-d tablet (Khane ka tarika)

Follow your doctor's prescription exactly.

  • ✅ Take exactly as prescribed by your doctor.
  • ✅ Do not exceed the recommended dose
  • ✅ Complete the full course of medication
  • ✅ Store at room temperature away from moisture

⚠️ Side Effects of arina-d tablet (Nuksan)

Common and serious side effects may include:

  • Nausea
  • Dryness in mouth
  • Indigestion
  • Sleepiness
  • Weight gain

Consult your doctor if you experience any unusual symptoms.

📖 Patient Counseling & Warnings

  • 🔹 Do not stop suddenly without consulting your doctor
  • 🔹 Inform your doctor about all other medications you're taking
  • 🔹 Avoid alcohol while taking this medication
  • 🔹 If you miss a dose, take it as soon as you remember
  • 🔹 Seek immediate medical help if you experience severe allergic reactions

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Complete Guide to Iron Deficiency Anemia - 06-06-2026

```html आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया (Iron Deficiency Anemia) – संपूर्ण गाइड नमस्ते! क्या आपको हमेशा थकान महसूस होती है? क्या सीढ़ियाँ चढ़ते ही सांस फूलने लगती है? या फिर आपको बार-बार चक्कर आते हैं? ये सब आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया (Iron Deficiency Anemia) के संकेत हो सकते हैं। यह एक बहुत ही common problem है, खासकर भारत में महिलाओं और बच्चों में। इस गाइड में हम आपको हर छोटी-बड़ी बात बताएंगे – बीमारी कैसे होती है, इसके लक्षण, खान-पान, दवाइयाँ, घरेलू उपाय और मानसिक स्वास्थ्य पर इसका असर। यह जानकारी एक डॉक्टर की तरह detail में है, लेकिन बिल्कुल आसान भाषा (Hinglish) में। 1. गहराई से समझें: बीमारी क्या है और शरीर में क्या होता है? (Deep Introduction & Disease Mechanism) एनीमिया का मतलब है खून में लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) की कमी। लेकिन आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया तब होता है जब शरीर में आयरन नाम का एक ज़रूरी मिनरल कम हो जाता है। शरीर में आयरन का काम क्या है? हीमोग्लोबिन बनाना: आयरन हीमोग्लोबिन का मुख्य हिस्सा है। हीमोग्लोबिन एक प्रोटीन है जो लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है और फेफड़ों से ऑक्सीजन को पूरे शरीर तक पहुँचाता है। एनर्जी प्रोडक्शन: आयरन शरीर की कोशिकाओं में ऊर्जा बनाने में मदद करता है। इम्यून सिस्टम: यह इम्यून सिस्टम को मजबूत रखता है, ताकि आप जल्दी बीमार न पड़ें। कैसे होता है आयरन की कमी? जब आपके शरीर में आयरन की मात्रा कम हो जाती है, तो आपका बोन मैरो (हड्डियों के अंदर का मुलायम हिस्सा) पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता। नतीजा? लाल रक्त कोशिकाएं छोटी और पीली (pale) हो जाती हैं। इसे माइक्रोसाइटिक हाइपोक्रोमिक एनीमिया कहते हैं। मुख्य कारण: खून की कमी (Blood Loss): महिलाओं में हैवी पीरियड्स (मेंस्ट्रुएशन), पेट में अल्सर, बवासीर (piles), या कैंसर के कारण खून बहना। डाइट में आयरन की कमी: शाकाहारी भोजन में आयरन कम होता है, या फिर आयरन को सोखने (absorb) करने में दिक्कत होना। शरीर में आयरन सोखने की समस्या: जैसे सीलिएक डिजीज, गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी, या पेट की कोई अन्य बीमारी। बढ़ती उम्र या प्रेग्नेंसी: गर्भावस्था में शरीर को ज्यादा आयरन चाहिए होता है। 2. लक्षण: आम और अनोखे दोनों (Common AND Rare Symptoms) आयरन की कमी धीरे-धीरे होती है, इसलिए शुरुआत में पता नहीं चलता। लेकिन जब कमी बढ़ जाती है, तो ये लक्षण दिखने लगते हैं: बहुत कॉमन लक्षण (Common Symptoms): थकान और कमजोरी (Fatigue & Weakness): सबसे पहला और आम लक्षण। दिनभर सुस्ती लगी रहती है। सांस फूलना (Shortness of Breath): थोड़ा चलने या सीढ़ियाँ चढ़ने पर सांस फूलने लगती है। चक्कर आना या सिर हल्का लगना (Dizziness): खासकर जल्दी उठने पर। सिरदर्द (Headache): बार-बार हल्का या तेज सिरदर्द। त्वचा का पीला/सफेद पड़ना (Pale Skin): चेहरा, होंठ, और नाखूनों का रंग हल्का हो जाना। हाथ-पैर ठंडे रहना (Cold Hands & Feet): हमेशा ठंड लगना। दिल की धड़कन तेज होना (Rapid Heartbeat): दिल तेजी से धड़कने लगता है, खासकर एक्सरसाइज के दौरान। अनोखे और कम ज्ञात लक्षण (Rare & Unusual Symptoms): बर्फ खाने की इच्छा (Pica): बर्फ, मिट्टी, चाक, या कागज खाने की अजीब सी क्रेविंग होना। यह आयरन की कमी का एक विशेष संकेत है। नाखूनों का चम्मच जैसा होना (Koilonychia): नाखून पतले, मुलायम और अंदर की ओर मुड़ जाते हैं, जैसे चम्मच हो। बालों का झड़ना (Hair Loss): आयरन की कमी से बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं। मुँह के कोनों में छाले (Angular Cheilitis): होंठों के कोनों में दरारें या छाले होना। जीभ का चिकना होना (Glossitis): जीभ में सूजन, लालिमा और चिकनापन, जिससे स्वाद कम लगता है। बेचैन पैर सिंड्रोम (Restless Legs Syndrome): रात को सोते समय पैरों में झुनझुनी या हिलाने की तीव्र इच्छा होना। नींद न आना (Insomnia): आयरन की कमी से नींद के पैटर्न पर असर पड़ता है। 3. डिटेल डाइट प्लान: क्या खाएं और क्या न खाएं (Detailed Diet Plan) आयरन की कमी को दूर करने के लिए डाइट सबसे ज़रूरी है। लेकिन ध्यान रखें: आयरन दो तरह का होता है – हीम आयरन (जानवरों से) और नॉन-हीम आयरन (पौधों से)। हीम आयरन शरीर में जल्दी absorb होता है। ✅ क्या खाएं (Foods to Eat): हीम आयरन (Non-vegetarian sources): रेड मीट: मटन, बीफ (लेकिन सीमित मात्रा में)। चिकन और मछली: खासकर लीवर (कलेजी) – इसमें भरपूर आयरन होता है। अंडे: अंडे की जर्दी (yolk) में आयरन होता है। नॉन-हीम आयरन (Vegetarian sources): हरी पत्तेदार सब्जियाँ: पालक, मेथी, सरसों का साग, चौलाई (लाल साग)। फलियां और दालें: मसूर की दाल, चना, राजमा, सोयाबीन, काबुली चना। सूखे मेवे और बीज: किशमिश, खजूर, बादाम, काजू, कद्दू के बीज, तिल। अनाज: ज्वार, बाजरा, रागी (nachni), क्विनोआ, ओट्स। गुड़: सफेद चीनी की जगह गुड़ खाएं – इसमें आयरन होता है। फल: अनार, सेब, केला, अंगूर, और खट्टे फल (जैसे संतरा – विटामिन C के लिए)। ❌ क्या न खाएं (Foods to Avoid): चाय और कॉफी: खाना खाने के तुरंत बाद चाय-कॉफी न पिएं। इनमें टैनिन (Tannins) होता है, जो आयरन के absorption को रोकता है। कम से कम 1-2 घंटे का गैप रखें। दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स: कैल्शियम आयरन के absorption में बाधा डालता है। आयरन वाला खाना और दूध एक साथ न लें। फाइटेट्स वाले फूड्स: अनाज और फलियों में फाइटेट्स होते हैं, जो आयरन को बांध लेते हैं। इन्हें भिगोकर या अंकुरित करके खाएं ताकि absorption बढ़े। प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड: इनमें आयरन नहीं होता और ये शरीर को कमजोर बनाते हैं। टिप्स: आयरन absorption कैसे बढ़ाएं? विटामिन C के साथ लें: आयरन वाली चीज़ों के साथ नींबू, संतरा, आंवला, टमाटर, या शिमला मिर्च खाएं। खाना पकाने का तरीका: लोहे की कढ़ाई (iron kadhai) में खाना पकाने से आयरन की मात्रा बढ़ जाती है। भिगोकर या अंकुरित करें: दालें और अनाज रातभर भिगोकर या अंकुरित करके खाएं। 4. मेडिकल मैनेजमेंट: दवाइयाँ और इलाज (Medical Management) ध्यान दें: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है। आयरन सप्लीमेंट्स (Iron Supplements): फेरस सल्फेट (Ferrous Sulfate): सबसे कॉमन और सस्ती दवा। इसमें 20% एलिमेंटल आयरन होता है। फेरस फ्यूमरेट (Ferrous Fumarate): इसमें 33% आयरन होता है और कम साइड इफेक्ट्स होते हैं। फेरस ग्लूकोनेट (Ferrous Gluconate): इसमें 12% आयरन होता है, लेकिन पेट पर हल्का होता है। आयरन की खुराक (Dosage): आमतौर पर रोज़ 65-200 mg एलिमेंटल आयरन दिया जाता है, लेकिन यह आपकी कमी पर निर्भर करता है। साइड इफेक्ट्स: कब्ज (Constipation) पेट खराब होना या मिचली मल का काला होना (यह नॉर्मल है) इंजेक्शन और IV आयरन: जब मुँह से दवा लेना मुश्किल हो या गंभीर कमी हो, तो डॉक्टर आयरन सुक्रोज (Iron Sucrose) या फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज (Ferric Carboxymaltose) जैसे इंजेक्शन दे सकते हैं। ये सीधे नस (IV) में दिए जाते हैं और जल्दी असर करते हैं। गंभीर मामलों में: ब्लड ट्रांसफ्यूजन: अगर हीमोग्लोबिन बहुत कम हो (जैसे 7 g/dL से नीचे) और मरीज को सांस लेने में तकलीफ हो, तो खून चढ़ाया जाता है। अंतर्निहित कारण का इलाज: अगर कमी किसी बीमारी (जैसे अल्सर या कैंसर) के कारण है, तो पहले उसका इलाज किया जाता है। 5. घरेलू उपाय और जीवनशैली में बदलाव (Proven Home Remedies & Lifestyle Changes) दवाइयों के साथ-साथ ये घरेलू उपाय और आदतें आपकी रिकवरी को तेज़ कर सकते हैं: घरेलू उपाय (Home Remedies): गुड़ और तिल का लड्डू: गुड़ और तिल (सफेद या काले) दोनों में आयरन होता है। रोज़ 1-2 लड्डू खाएं। चुकंदर और गाजर का जूस: चुकंदर (Beetroot) आयरन का अच्छा स्रोत है। गाजर के साथ मिलाकर रोज़ सुबह पिएं। आंवला और शहद: आंवला विटामिन C से भरपूर है, जो आयरन absorption बढ़ाता है। 1 चम्मच आंवला पाउडर शहद के साथ लें। पालक का सूप: पालक में आयरन होता है। इसे हल्का पकाकर सूप बनाकर पिएं। काली किशमिश भिगोकर खाएं: रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाएं। जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes): खाने का समय: आयरन सप्लीमेंट खाली पेट लें (डॉक्टर की सलाह से), लेकिन पेट खराब होने पर खाने के साथ ले सकते हैं। एक्सरसाइज: हल्की एक्सरसाइज (जैसे वॉक, योगा) ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है और एनर्जी लेवल सुधारती है। ज्यादा जोरदार एक्सरसाइज से बचें जब तक ठीक न हो जाएं। नींद पूरी लें: 7-8 घंटे की नींद शरीर को रिपेयर करने में मदद करती है। स्ट्रेस कम करें: मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग से तनाव कम होता है, जो एनीमिया को बढ़ा सकता है। पानी पिएं: कब्ज से बचने के लिए खूब पानी पिएं, खासकर अगर आप आयरन सप्लीमेंट ले रहे हैं। 6. मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर प्रभाव (Impact on Mental Health & Daily Life) आयरन की कमी सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी गहराई से प्रभावित करती है। यहाँ कुछ तरीके बताए गए हैं: मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव: डिप्रेशन और चिंता (Depression & Anxiety): आयरन की कमी से ब्रेन में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन हो सकता है। ब्रेन फॉग (Brain Fog): ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत, भूलने की बीमारी, और निर्णय लेने में परेशानी। थकान से मानसिक थकावट: लगातार थकान महसूस होने से मानसिक ऊर्जा खत्म हो जाती है, जिससे काम में मन नहीं लगता। सोशल आइसोलेशन: कमजोरी और सांस फूलने के डर से लोग बाहर जाना या मिलना-जुलना कम कर देते हैं। दैनिक जीवन पर प्रभाव: काम पर असर: ऑफिस या घर के काम में मन नहीं लगता। प्रोडक्टिविटी कम हो जाती है। रिश्तों पर दबाव: चिड़चिड़ापन और थकान के कारण परिवार और दोस्तों से झगड़े हो सकते हैं। एक्सरसाइज और शौक: पहले की तरह दौड़ना, तैरना, या बागवानी करना मुश्किल हो जाता है। समाधान: इलाज शुरू करने के बाद धीरे-धीरे मानसिक स्थिति में सुधार होता है। परिवार का सपोर्ट और काउंसलिंग भी मदद कर सकती है। 7. 10 विस्तृत अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (10 Detailed FAQs) 1. क्या आयरन की कमी से वजन बढ़ता है या घटता है? आयरन की कमी से वजन घट सकता है क्योंकि मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और भूख कम लगती है। लेकिन कुछ लोगों में थकान के कारण एक्सरसाइज कम होने से वजन बढ़ भी सकता है। यह व्यक्ति पर निर्भर करता है। 2. क्या आयरन की कमी से पीरियड्स में देरी हो सकती है? हाँ, गंभीर एनीमिया हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है, जिससे पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं या देरी से आ सकते हैं। हालाँकि, हैवी पीरियड्स खुद आयरन की कमी का कारण बन सकते हैं। 3. क्या आयरन सप्लीमेंट से कब्ज होता है? इससे कैसे बचें? हाँ, आयरन सप्लीमेंट का एक आम साइड इफेक्ट कब्ज है। इससे बचने के लिए खूब पानी पिएं, फाइबर वाली चीज़ें (जैसे फल, सब्जियाँ) खाएं, और हल्की एक्सरसाइज करें। डॉक्टर से स्टूल सॉफ्टनर के बारे में पूछ सकते हैं। 4. क्या चाय या कॉफी पीने से आयरन की कमी होती है? चाय और कॉफी में टैनिन होता है, जो आयरन के absorption को कम करता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप इन्हें पूरी तरह छोड़ दें। बस खाना खाने के तुरंत बाद न पिएं – कम से कम 1-2 घंटे का गैप रखें। 5. क्या गर्भावस्था में आयरन की कमी खतरनाक है? हाँ, गर्भावस्था में आयरन की कमी से माँ और बच्चे दोनों को खतरा होता है। इससे प्रीमैच्योर डिलीवरी, कम वजन वाला बच्चा, और माँ में थकान बढ़ सकती है। गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर की सलाह पर आयरन सप्लीमेंट लेना चाहिए। 6. क्या शाकाहारी लोगों को आयरन की कमी ज्यादा होती है? शाकाहारी लोगों में आयरन की कमी का खतरा ज्यादा होता है क्योंकि पौधों से मिलने वाला नॉन-हीम आयरन शरीर में कम absorb होता है। लेकिन सही डाइट (जैसे पालक, दालें, गुड़) और विटामिन C के साथ लेने से कमी को रोका जा सकता है। 7. क्या आयरन की कमी से बाल झड़ते हैं? हाँ, आयरन की कमी बालों के रोम (hair follicles) को कमजोर कर देती है, जिससे बाल झड़ने लगते हैं। आयरन लेवल सही होने पर बाल वापस उग सकते हैं, लेकिन इसमें कई महीने लग सकते हैं। 8. क्या आयरन की कमी का पता लगाने के लिए कौन से टेस्ट कराएं? सबसे कॉमन टेस्ट कम्प्लीट ब्लड काउंट (CBC) है। इसके अलावा सीरम फेरिटिन (Serum Ferritin), सीरम आयरन, और टोटल आयरन बाइंडिंग कैपेसिटी (TIBC) टेस्ट किए जाते हैं। डॉक्टर इन्हीं के आधार पर डायग्नोसिस करते हैं। 9. क्या आयरन की कमी से दिल की बीमारी हो सकती है? हाँ, लंबे समय तक आयरन की कमी से दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे दिल की धड़कन तेज हो जाती है और दिल की मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं। गंभीर मामलों में हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है। 10. क्या आयरन सप्लीमेंट लेने के बाद मल का रंग काला होना नॉर्मल है? हाँ, यह बिल्कुल नॉर्मल है। आयरन सप्लीमेंट लेने पर मल का रंग गहरा काला या हरा-काला हो सकता है। यह खतरनाक नहीं है। लेकिन अगर मल में खून दिखे (लाल या काला टैरी), तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। मेडिकल डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य स्वास्थ्य पेशेवर से परामर्श लें। लेख में दी गई जानकारी के आधार पर कोई भी दवा या उपचार शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना अनिवार्य है। ```

Minoxidil ke side effects ya growth? 3 hafte mein baby hairs aaye lekin dizzy, fast heartbeat, itching — kya karoon? 😭

Bhai, minoxidil start kiye 3 hafte ho gaye. Pehle toh confidence aaya ki haan kuch to ho raha hai, but ab lagta hai side effects zyada scary ho rahe hain. 🥲 Kal raat apply kiya, subah utha toh thoda dizzy feel ho raha tha. Heartbeat bhi thoda fast lag raha hai? Ya main overthink kar raha hoon? Aur skin pe itching bhi ho rahi hai jahan apply karta hoon. Ek dost ne bola "dude, minoxidil ka systemic absorption hota hai, BP low kar deta hai" — ab toh aur dar lag raha hai. Maine 5% solution use kar raha hoon, morning+night. Thoda result bhi dikh raha hai? Honestly, hairline ke paas chote chote baby hairs aane lage hain. But yeh side effects — kya yeh temporary hain? Ya main permanently kuch kharab kar raha hoon apne saath? Aur haan, kal college mein ek bakchod friend ne bola "Akash teri toh choti si line hi bach gayi hai, ab toh sirf nimbu-pani se kaam chalega" 😤. Aise jokes se aur anxiety badhti hai. Koi hai jo minoxidil long term use kar raha ho? Side effects kab settle hote hain? Ya main derma roller ya finasteride switch kar loon? Pls help, I'm literally panicking. 🙏

PCOS ki wajah se weight nahi ho raha! Saas bolti hai kya kha rahi ho, koi effective remedy?

Hi everyone. Just need to vent a bit. Mera PCOS hai and weight loss bohot mushkil ho raha hai. Saas ne aaj fir kaha ki "kya kha Rahi ho, isliye aise ho gayi". Main toh kuch extra bhi nahi kha rahi, bas normal roti sabzi. Actually I have been trying to walk 10k steps and eat less oil but weight move nahi kar raha. Koi effective remedy hai? Like kya aap log karte ho for PCOS weight loss? Please share karo, bahut frustrated hoon.

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